अंतरिक्ष में अब निगरानी रखना सुलभ, ISRO ने रिसोर्ससैट-2ए उपग्रह का किया सफल प्रक्षेपण

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Updated on 7 Dec, 2016 at 1:42 pm

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अंतरिक्ष में पांव पसारने की कवायद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज एक और नया मुकाम हासिल कर लिया है। इसरो ने अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी36 के जरिए दूरसंवेदी उपग्रह (रिमोट सेनसिंग) रिसोर्ससैट-2ए का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर दिया। इससे मौसम की विशेष जानकारी मिल सकेगी।

पीएसएलवी-सी36 का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SHAR) के प्रथम प्रक्षेपण पैड (FLP) से किया गया।

आपको बता दें इस उपग्रह ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-36 को पहले 28 नवंबर को लॉन्च करने की योजना थी, जिसे किसी कारणवश टाल दिया गया था। रिसोर्ससैट-2ए रिमोट सोर्सिंग उपग्रह है। इसका उद्देश्य संसाधनों की खोज और निगरानी है। यह इससे पहले वर्ष 2003 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-1 तथा वर्ष 2011 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-2 के अगले क्रम का उपग्रह है। इसका वजन 1235 किलोग्राम है।

रिसोर्ससैट के तीन पेलोड हैं। इसमें दो लीनियर इमेर्जिंनग सेल्फ स्कैनर कैमरा है। एक कैमरा उच्च रिजॉलूशन वाला है जो दृश्य तथा निकट अवरक्त क्षेत्र स्पेक्ट्रम में तस्वीरें लेने के काम आएगा, जबकि दूसरा कैमरा मध्यम रिजॉलूशन वाला है और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड बैंड में तस्वीरें लेगा।


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तीसरा पेलोड एडवांस वाइड फिल्ड सेंसर कैमरा है। इसमें दो रिकॉर्डर हैं, जिनकी क्षमता दो-दो सौ गीगाबाइट डाटा स्टोर करने की है। इस उपग्रह की अनुमानित आयु पांच साल है।

आपको बता दें कि इसरो वर्ष 1999 से अब तक यह 79 विदेशी तथा 42 स्वदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है। साथ ही यह पीएसएलवी की 38वीं उड़ान थी। इस मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही पीएसएलवी से छोड़े गए उपग्रहों की संख्या बढ़कर 122 हो गई है।

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