भारत में ‘मेड इन चाइना’ के विरोध पर सकते में चीन; कहा हमें बदनाम न किया जाए

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Updated on 4 Jul, 2016 at 2:00 pm

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भारत में ‘मेड इन चाइना’ उत्पादों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शन से चीन सकते में है। इस संबंध में चीन सरकार के मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक त्वरित प्रतिक्रिया दी है।

ग्लोबल टाइम्स के इस लेख में कहा गया हैः

“ऐसा प्रतीत हो रहा है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश पाने में असफल रहने के मद्देनजर भारतीय लोगों के लिए सोल में पिछले महीने के अंत में हुई एनएसजी की संपूर्ण बैठक के परिणामों को स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है।”

यह लेख ग्लोबल टाइम्स के आज के संस्करण में ‘चीन, भारत को सहयोग के लिए पुराने रख को त्याग देना चाहिए’ शीषर्क के तहत छपा है।


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इसमें कहा गया है कि भारतीय मीडिया संस्थान केवल चीन पर दोष मढ़ रहे हैं। वे आरोप लगा रहे हैं कि इस विरोध के पीछे चीन के भारत विरोधी एवं पाकिस्तान समर्थक मन्तव्य हैं।

गौरतलब है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में चीन के प्रबल विरोध की वजह से भारत को सदस्यता नहीं मिल सकी थी। इस मामले में भारतीय मीडिया में लगातार हो रही रिपोर्टिंग की वजह से आम जनता में चीन के प्रति गुस्सा बढ़ा है।

यही वजह है कि सोशल मीडिया में इन दिनों मेड इन चाइना के बहिष्कार की अपील की जा रही है। चीन के उत्पादों के खिलाफ एक अभियान सा छेड़ दिया गया है।

संभवतः यही वजह है कि चीन अब राजकीय मीडिया के जरिए भारत के साथ संबंधों में आई इस दूरी को पाटने का प्रयास कर रहा है।

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