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राष्ट्रपति के रूप में प्रणव मुखर्जी ने जो काम किए हैं, उसे जानकर आपको भी गर्व होगा

Updated: 5:22 pm 26 Jul, 2017

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प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यालय छोड़ चुके हैं और रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ भी ले ली है। प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा। उन्हें कई आवश्यक परिवर्तन लाने के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। आज हम आपको कुछ उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो प्रणव मुखर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान किए हैं।

प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति पद के लोकतांत्रिककरण करने के लिए जाने जाएंगे। उन्होंने “महामहिम” की परंपरा का त्याग किया साथ ही सभी राज्यपालों से ऐसा करने का आह्वान किया। 

अपने कार्यकाल के दौरान प्रणव मुखर्जी ने 30 दया याचिकाओं को खारिज कर दिया और चार में बदलाव किए।  

उन्होंने राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय के 80 विद्यार्थियों की क्लास ली। ऐसा करने वाले वह पहले राष्ट्रपति बने।

1 जुलाई 2014 को उन्होंने लोगों से सीधे जुड़ने के लिए राष्ट्रपति भवन के ट्विटर अकाउंट को लॉन्च किया।

मानवीय और उच्च तकनीक वाले शहरों को विकसित करने के उद्देश्य से, मुखर्जी ने स्मार्टग्राम पहल की शुरुआत की।

पर्यटन को और प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति भवन, मुगल गार्डन और राष्ट्रपति भवन संग्रहालय को जनता के लिए खोल दिया गया।                                                

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति भवन प्रांगण में लगभग 508 किलोवाट की क्षमता वाले सौर ऊर्जा पैनल स्थापित किए गए।

प्रणव मुखर्जी ने “इन-रेसिडेंस प्रोग्राम” शुरू किया, जहां रचनात्मक और अभिनव लोगों को राष्ट्रपति भवन में रहने के लिए आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों के जीवन में राष्ट्रपति कार्यालय की भागीदारी को बढ़ावा देना था।


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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को भारत के आधुनिक इतिहास और विरासत का अहम हिस्सा बताने के उद्देश्य से 30 साल के अंतराल के बाद राज्य लैंडौ या बग्घी (घोड़ागाड़ी) का इस्तेमाल किया।

उन्होंने एस्टेट पर एक पुनर्निर्मित इमारत में “प्रणब मुखर्जी पुस्तकालय” खोला। पुस्तकालय संपत्ति के निवासियों को कई किताबें और संसाधन प्रदान करेगा।                       

राष्ट्रपति भवन में ई-गवर्नेंस शुरू करने के लिए राष्ट्रपति मुखर्जी ने कई बड़े कदम उठाए। “ई-पुस्तकालय”, “ई-ग्रंथालय”, डिजिटल फोटो लाइब्रेरी और ई-प्रबंधन ऑफ विजिटर्स सिस्टम जैसी परियोजनाएं शुरू की गई।

जैसा की नए राष्ट्रपति ने अपना कार्यभार संभाल लिया है, हमें यकीन है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा शुरू की गई परोयोजनाएं जारी रहेंगी और एक अच्छे प्रशासन के युग की स्थापना करेंगी।

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