नाबाद 1009 रन की पारी खेलने वाले प्रणव धनावड़े ने छोड़ा क्रिकेट, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे

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Updated on 29 Dec, 2017 at 3:32 pm

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जिस बल्लेबाज की तुलना एक वक़्त में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से होने लगी थी, उसने क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। इस चौंकाने वाली खबर पर यकीन करना मुश्किल है, लेकिन यह सच है।

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अंडर-16 क्रिकेट में नाबाद 1009 रनों की पारी खेलकर रातों रात सनसनी मचा देने वाले प्रणव धनावड़े ने क्रिकेट को छोड़ने का फैसला किया है।

 

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प्रणव ने 2016 में अंडर-16 क्रिकेट में 1009 रनों की रिकॉर्डतोड़ पारी खेलकर सबको चौंका दिया था। इस ऐतिहासिक पारी के बाद काफी दिनों तक हर जगह इस नाम की ही चर्चा रही थी, उनकी तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी थी।

 

 

यहां आपको बता दें कि महज 15 साल की उम्र में अंतर स्कूल टूर्नामेंट में नाबाद 1009 रन जड़ चुके प्रणव धनावड़े क्रिकेट इतिहास में चार अंकों का स्कोर बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं।

 

क्रिकेट मैदान पर कभी गेंदबाजों में दहशत फैला चुके प्रणव ने आज परिस्थितियों के आगे घुटने टेक दिए।

 

 

प्रणव के पिता ऑटो चलाते हैं। प्रणव ने जब वह ऐतिहासिक पारी खेली तो वह रातों रात क्रिकेट की दुनिया के स्टार बन गए थे। उनके कीर्तिमान की सुर्खियां मीडिया में छाई रहीं। उन्हें कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उन्हें हर महीने 10 हजार रु. की स्कॉलरशिप दी गई, ताकि वह अपनी पढ़ाई और खेल को जारी रख सके।

लेकिन अब इस खिलाड़ी ने खराब फॉर्म से परेशान होकर खेलना बंद कर दिया है और साथ ही अपनी 10 हजार रुपए की मासिक  स्कॉलरशिप को बंद करने का आग्रह भी किया।

 

 



इतना ही नहीं, प्रणव के पिता प्रशांत धनावड़े ने जब MCA को स्कॉलरशिप फिर से देने हेतु पत्र लिखा तो जवाब आया – ‘जब प्रणव फिर से शानदार फॉर्म में होगा तो इसे जारी रखा जाएगा।’

 

 

हालांकि, प्रणव के कोच मोबिन शेख का कहना हैः

 

“16 साल के इस खिलाड़ी को हम लगातार मोटिवेट करने की कोशिश कर रहे हैं। सुर्खियों में छाने के बाद प्रणव अपना फोकस काफी हद तक खो चुका है। लगातार आलोचना भी इसकी अहम वजह है। जब वह खराब फॉर्म से जूझ रहा था, तब उसकी आलोचना हुई, इस कारण उसकी सोच पर फर्क पड़ा, लेकिन मुझे यकीन है कि अगले साल तक हम प्रणव के रूप में एक शानदार बल्लेबाज को देखेंगे।”

 

 

दरअसल, धनावड़े उस पारी के बाद काफी मशहूर हो गए और लोगों की आशाएं उनसे काफी बढ़ गईं, लेकिन अचानक उनके खेल में गिरावट आने लगी।

 

 

इसके बाद MCA ने अंडर-16 टीम से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिसके बाद उन्होंने बेंगलुरु का रुख़ किया। वहां प्रणव ने अंडर-19 टीम के साथ ट्रेनिंग की। हालांकि, बेंगलुरू से लौटने के बाद भी प्रणव अपनी खराब फॉर्म से जूझते रहे।

 

 

यही नहीं, जब वह बेंगलुरु से लौटे तो एयर इंडिया और दादर यूनियन ने उन्हें अपने यहां नेट प्रेक्टिस करने से रोक दिया। ऐसे में इस युवा खिलाड़ी को गहरी चोट पहुंची और अवसाद में आकर उसने क्रिकेट छोड़ने का निर्णय लिया। लेकिन उनके कोच को उम्मीद है कि वह अपना निर्णय बदलेंगे और परेशानियों का सामना कर एक बार फिर मैदान पर उतरेंगे।


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