दाऊद के भाई को उसके घर से दबोचने वाले ये हैं प्रदीप शर्मा, इनकी लाइफ पर बन चुकी हैं फिल्में

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Updated on 21 Sep, 2017 at 4:09 pm

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नाम प्रदीप शर्मा, उम्र 55 साल, पद सीनियर इंस्पेक्टर, मुंबई पुलिस (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट)। प्रदीप शर्मा 90 के दशक का एक ऐसा नाम रहा है, जिससे अंडरवर्ल्ड दुनिया के गुर्गे थर-थर कांपते थे। एन्काउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खौफ ऐसा कायम था कि मुंबई में अपने पैर जमा चुके अंडरवर्ल्ड के आदमी या तो मुंबई छोड़ गए या दुनिया छोड़ चले।

प्रदीप शर्मा मीडिया में सुर्खियां बटोरने लगे। शर्मा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से पहली बार सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने खतरनाक गैंगस्टर विनोद मातकर को मौत के घाट उतारा।

इसके अलावा प्रदीप शर्मा ने परवेज सिद्दीकी, रफीक डब्बावाला, सादिक कालिया, रंगा-बिल्ला जैसे कई सौ से ज्यादा कुख्यात गैंगस्टररों का भी सफाया किया।

वहीं, एक एनकाउंटर में उन्होंने मुंबई को दहलाने की साजिश रचने वाले लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को भी ढेर कर दिया था।

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हालांकि, उनकी यही ख्याति उनके लिए जी का जंजाल बन गई। उन पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े रहने जैसा संगीन आरोप लगाया गया। दाऊद का दुश्मन डॉन छोटा राजन ने प्रदीप शर्मा पर डी कंपनी के लिए काम करने आरोप लगाया।

उनपर फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप भी लगे।

दरअसल, मुंबई के अंधेरी इलाके में 11 नवंबर 2006 को छोटा राजन के साथी लखन भैया का एनकाउंटर हुआ था। लखन के भाई ने दावा किया था कि उसका भाई मुठभेड़ में नहीं मारा गया है। बल्कि उसे नवी मुंबई से अगवा कर पहले मुंबई ले जाया गया, बाद में हत्या कर फर्जी एनकाउंटर की कहानी गढ़ी गई। इस केस में प्रदीप शर्मा को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

इस मामले में साल 2007 में प्रदीप शर्मा को मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें धारावी पुलिस स्टेशन भेज दिया गया। 30 अगस्त 2008 को शर्मा को पुलिस सेवा से डिसमिस भी कर दिया गया था। आखिरकार लखन भैया एनकाउंटर केस में मुंबई सेशन कोर्ट ने साल 2013 में फैसला सुनाते हुए एनकाउंटर स्पेउशलिस्टं प्रदीप शर्मा को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था।



हमेशा विवादों में रहने वाले प्रदीप शर्मा ने कानूनी लड़ाई लड़कर न सिर्फ अपनी खाकी वर्दी वापस पाई, बल्कि भगोड़े दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार कर जोरदार वापसी भी की है।

अंडरवर्ल्ड आज भी प्रदीप शर्मा से खौफजादा है। यही कारण है कि दाऊद इब्राहिम के भाई की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी प्रदीप शर्मा को ही दी गई। इस बार उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को उसकी बहन हसीना पारकर के घर से गिरफ्तार कर  डी कंपनी को बड़ा झटका दिया है।

आपको बता दें कि प्रदीप शर्मा ने मुंबई पुलिस सर्विस कमिशन की परीक्षा पास की है। उन्होंने नासिक पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग ली। वह 1983 में बतौर सब इंस्पेक्टर मुंबई पुलिस में शामिल हुए। इसके बाद इनका ट्रांसफर कुछ सालों के लिए स्पेशल ब्रांच में किया गया।

प्रदीप शर्मा के पास घाटकोपर और जुहू पुलिस स्टेशन जैसे बड़े थानों का भी चार्ज रहा। बताया जाता है कि उस वक्त कोई भी पुलिस अधिकारी घाटकोपर थाने का चार्ज नहीं लेना चाहता था, लेकिन प्रदीप शर्मा के आने के बाद से अपराधियों ने उस इलाके से किनारा कर लिया।

प्रदीप शर्मा की इस दमदार इमेज से बॉलीवुड भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाया है। अंडरवर्ल्ड पर आधारित कई फिल्मों की कहानी में शर्मा से मिलते-जुलते किरदार शामिल किए गए हैं।

कहा जाता है कि रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘अब तक 56’ में नाना पाटेकर का किरदार भी प्रदीप शर्मा से ही प्रेरित था।

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