अब चांद से बिजली हासिल करेगा भारत, जानिए क्या है मामला

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Updated on 22 Apr, 2017 at 1:28 pm

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भारत अब चांद से बिजली हासिल करने की कोशिशों में लगा हुआ है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो चांद की मिट्टी धरती पर लाने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इस मिट्टी में हीलियम-3 बेहिसाब मात्रा में मौजूद है।

हीलियम-3 असल में हीलियम का आइसोटॉप है जिसे ऊर्जा में बदला जा सकता है। इस ऊर्जा से न केवल भारत की बिजली समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी, बल्कि अगले 10 हजार साल तक इसका उपयोग किया जा सकता है।

इस परियोजना पर अरबों डॉलर खर्च होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि वर्ष 2030 तक बड़ी मात्रा में चांद की मिट्टी पृथ्वी पर लाई जा सकेगी।


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मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वैज्ञानिक ट्रांसपोर्ट रॉकेट पर काम कर रहे हैं, जिसके जरिए चांद से हीलियम धरती पर लाया जा सकेगा। इस रॉकेट की वजह से चांद पर जाने की लागत बेहद कम हो सकेगी। साथ ही इससे धरती पर हीलियम लाने में आसानी भी होगी।

हीलियम लाने के लिए रॉकेट और सैटेलाइट पर ही भारत 386 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इसके अलावा चांद से 1 टन हीलियम-3 लाने में करीब साढे 13 हज़ार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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