…तो इस वजह से पटाखा पर प्रतिबंध होने के बावजूद दिल्ली में लगातार बढ़ेगा प्रदूषण !

Updated on 19 Oct, 2017 at 1:11 pm

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण चिन्ताजनक स्तर तक पहुंच चुका है, लिहाजा पटाखा बैन के बावजूद सुधार की गुंजाइश कम है।

वाहनों की संख्या में बेतरतीब बढ़ोतरी और अनेक तरह की लापरवाही के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ता चला जा रहा है। दीपावली के बाद प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली-एनसीआर ग्रेडेड रेस्पॉन्स ऐक्शन प्लान लागू किया गया है, जो पहले ही दिन फेल होता नजर आया।

प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 40 गश्ती टीमें रिपोर्ट देने में लगी हैं, लेकिन कोई अंतर देखने को नहीं मिलता। ऐसे में दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर बैन के बावजूद राहत मिलने के आसार खूब कम हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 1 अक्टूबर से ही सक्रिय हैं और सरकार को रिपोर्ट देने में लगी हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा रखी है। पटाखा बैन से वायु और ध्वनी दोनों तरह के प्रदूषण कम होने के आसार को देखते हुए कोर्ट ने कहा था कि दीपावली के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी फिर बैन पर आगे फैसला दिया जाएगा।



प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अभी तैयारी ही चल रही है।

उधर, व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है, जो दिसंबर तक बनकर तैयार होगा। इसके माध्यम से एक्शन टेकेन रिपोर्ट लाइव देखा जा सकता है।

सरकार खुद अभी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी है तो फिलवक्त परिणाम निराशाजनक ही रह सकता है।


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