क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एयर इंडिया वन’ विमान को कौन उड़ाता है?

Updated on 11 May, 2018 at 10:49 am

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पायलट की नौकरी जितना आप और हम सोचते हैं, उससे कहीं ज़्यादा चुनौतीपूर्ण होती है। इसके लिए सिर्फ अनुभव और जानकारी ही नहीं, बल्कि सूझबूझ होना भी ज़रूरी है, क्योंकि जहाज में सवार लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। पायलट की छोटी सी गलती से दर्जनों-सैंकड़ों लोगों का जीवन दांव पर लग सकता है। एक पायलट की जिम्मेदारी तब और बढ़ जाती है जब उसके साथ कोई वीवीआईपी हो।

 

 


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हमारे देश में बोइंग 747-400 विमान वीवीआईपी लोगों को देश के बाहर ले जाती है। इस विमान को एयर इंडिया वन के नाम से जाना जाता है और इसका नियंत्रण भारतीय वायु सेना के पास रहता है। भारत में एयर इंडिया वन जैसा दूसरा कोई विमान नहीं है। इस विमान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति यात्रा करते हैं।

 

 

आमतौर पर लोगों को लगता है कि इस विमान को भारतीय वायु सेना का कोई पायलट उड़ाता है, लेकिन ये सच नहीं है, क्योंकि वायुसेना के पायलट को बोइंग 747-400 उड़ाने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। वायुसेना के विमान और बोइंग विमान को उड़ाने में बहुत अंतर है। तो फिर सवाल ये है कि प्रधानमंत्री के एयर इंडिया वन को आखिर कौन उड़ाता है?

आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके लिए 8 पायलट का एक पैनल है, जिसमें से 4 पायलट हमेशा विमान उड़ाने के लिए तैयार रहते हैं। इन 4 मे से कोई दो पायलटों को कभी भी विमान उड़ाने के लिए कहा जा सकता है। पैनल में जो 8 पायलट होते हैं। वे बहुत जानकार और अनुभवी होते हैं।

 

 



वर्तमान में इस पैनल में सबसे अनुभवी शख्स कैप्टन मेहता हैं, जिन्हें देश में और देश से बाहर जाने वाली सभी वीवीआईपी फ्लाइटस् को आदेश देने का जिम्मा सौंपा गया हैं।

 

 

 

तो क्या जब एयर इंडिया वन विदेश यात्रा पर जाती है तो वायुसेना का विमान उसकी हिफाज़त करता है?

 

कुछ लोगों को ये भी लगता है कि जब भी एयर इंडिया वन विमान किसी खास शख्सियत को लेकर विदेश यात्रा पर होता है, तो वायुसेना का विमान उसकी हिफाजत करता है, मगर ये बात सच नहीं है। क्योंकि मेजबान देश अपने यहां आने वाले नेताओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, और वहां की वायुसेना उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाती है। 2015 में जब प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की यात्रा पर थे तो एयर इंडिया वन की सुरक्षा के लिए फ्रांस की वायुसेना खड़ी थी।

 

 

एयर इंडिया वन को चलाने वाले पायलट अपने क्षेत्र के सबसे बेहतरीन कर्मचारी होते हैं, तभी उन्हें ये अहम जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

वो हमेशा वीवीआईपी विमान ही उड़ाते हैं इसलिए प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक इन पायलटों को उनके नाम से जानते हैं और ये उनके लिए बेहद गर्व की बात है।


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