अगर हम जागरूक नहीं हुए तो समन्दर में मछलियों से अधिक होगा कचरा

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Updated on 21 Jan, 2017 at 10:52 am

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अगर हम जागरूक नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं, जब समन्दर में मछलियों से अधिक कचरा होगा। जी हां, दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम तथा एलेन मैकर्थर फाउन्डेशन की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2050 तक समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक की वस्तुएं होंगी।

इस तरह हमारे दैनंदिन काम में आने वाली चीजों मसलन प्लास्टिक की बोतले, बर्तन, बैग आदि सामान मछलियों के इर्द-गिर्द, उनके जीवन में भी व्यापक रूप से शामिल होंगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तुस्थिति को देखते हुए सरकारों को अविलंब रिसायकलिंग जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि कचरे को कम से कम किया जा सके। इससे पर्यावरण को नुकसान कम से कम होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिवर्ष विभिन्न देशों द्वारा करीब 8 लाख टन कचरा समन्दर में फेंका जाता है। इसका मतलब यह है कि प्रति मिनट समन्दर में एक के ट्रक के बराबर कचरा फेंका जाता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2030 तक यह रफ्तार दोगुनी होगी।



अगर यह रफ्तार जारी रही तो वर्ष 2025 तक हर तीन टन मछली की तुलना में एक टन प्लास्टिक का कचरा समन्दर में तैर रहा होगा।


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