अगर आप भी रखते हैं पेप्सी-कोला की बोतलों में पीने का पानी, तो हो जाएं सतर्क

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Updated on 22 Jan, 2018 at 11:54 am

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आज के समय में देखा जाए तो शहरों में लगभग हर किसी के घर में फ्रिज जरूर होता है और उसमें पानी की बोतलें भी होती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना आपके लिए जानलेवा हो सकता है ? भारत में लोग पेप्सी, कोक या अन्य किसी प्लास्टिक की बोतल में पीने का पानी रखते हैं और ये यहां आम बात है। हालांकि, यह कम ही लोग जानते हैं कि इस तरह से प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।

जिन प्लास्टिक की बोतलों में कोल्ड ड्रिंक और मिनरल वाटर बिकता है, वह polyethylene terephthalate (PET) से बनी होती हैं। ज्यादा तापमान होने पर या पानी के गरम होते ही बोतल में से कई खतरनाक केमिकल रिलीज़ होते हैं, जो पानी के ज़रिये हमारे पेट में पहुंच जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है।

 

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इसमें पानी पीने से हार्ट डिजीज, पैदा हुए बच्चे को खतरा, गर्भवती महिला को खतरा, पेट की दिक्कते आदि ऐसे ही केई बीमारियां हैं, जिसके होने का खतरा निरंतर बना रहता है।

 

 

दरअसल, प्लास्टिक की बोतलों में BPA (बिसफेनोल) नाम का एक रसायन भी पाया जाता है, जिसका सेहत पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

 

 



प्लास्ट‍िक बोतल में पाया जाने वाला BPA शरीर की ऊर्जा और हार्मोन्स का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ देता है। इसकी वजह से शरीर में कई तरह के गैरजरूरी बदलाव भी होने लगते हैं।

 

 

खासतौर से गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मानसिक सेहत के लिए इसे बहुत ही खतरनाक बताया गया है।

 

 

रोज के लिए पानी स्टोर करने के लिए रंगीन या जो पारदर्शी बोतलें न हो, उनका बिलकुल भी इस्तेमाल न करें। दरअसल, प्लास्टिक में मिलाया गया रंग कई स्वास्थ्य समस्याओं को पैदा कर सकता है।

 

 

स्टेनलेस स्टील या एल्यूमीनियम की बोतलें ही पानी को स्टोर करने के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है।

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