कहीं आप भी फोन फोबिया के शिकार तो नहीं ? जानिए क्या है यह !

Updated on 3 Apr, 2017 at 6:07 pm

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दोस्तों के बीच बैठकर गप मार रहे हैं, लेकिन ध्यान बार-बार आपके मोबाइल पर ही जाता है। हर बार आपको लगता है कि आपके फोन पर कोई टेक्स्ट मैसेज या कॉल आया है, जबकि असल में ऐसा होता नहीं है। इतना ही नहीं, कई बार तो सोते समय भी लोग मोबाइल चेक करते हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि कहीं उऩ्हें कोई मैसेज तो नहीं मिला। यह स्थिति दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। युवाओं से लेकर बुज़ुर्गों तक को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। आख़िर क्या है यह? क्या कोई बीमारी है ?

जी हां, यह एक बीमारी ही है। इसे कहते हैं मोबाइल फोबिया।

एक कॉलेज में हुए सर्वे से ये बात सामने आयी है कि 80 परसेंट से ज़्यादा स्टूडेंट इस तरह से महसूस करते हैं। सिर्फ़ इतना ही नहीं, जिन बच्चों के पैरेंट्स शुरू के दिनों में उन्हें फोन पक़ड़ा देते हैं, उन्हें भी इस तरह की समस्या हो रही है। इसका एक मुख्य कारण है आपका अपने मोबाइल पर हद से ज्यादा समय व्यतीत करना। किसी अन्य चीज़ में व्यस्त होने की बजाय आप अपने मोबाइल पर ज़्यादा डिपेंड रहने लगे हैं अब। इसी कारण ये समस्या हो रही है।


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जिस तरह से लोगों को नशा का एडिक्शन हो जाता है, उसी तरह से आजकल के युवा फोन एडिक्शन के शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति बहुत ही गंभीर होनेवाली है। इस बीमारी को आप भी घर बैठे पता लगा सकते हैं।

आपको ऐसा लगता है कि एक दिन में आपको कई बार फोन चार्ज करने पड़ते हैं, तो समझ जाइए कि आप फोन पर ज़्यादा रहते हैं, जिसके कारण आपको फोन एडिक्शन की समस्या है।

अगर आप इससे निपटना चाहते हैं, तो बहुत ज़रूरी है कि मोबाइल को अपने से दूर रखना शुरू कर दें। इतना ही नहीं, अगर आपको लगता है कि आप भी कई इस बीमारी से ग्रसित हुए, तो अपने विचार हमारे साथ ज़रूर बांटें।

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