दशकों तक भारतीय दिलों पर राज करने वाले एम्बेसडर कार ब्रान्ड की विदायी

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Updated on 11 Feb, 2017 at 5:11 pm

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कई दशक तक भारतीय सड़कों पर राज करने वाले एम्बेसडर कार ब्रान्ड आखिरकार बिक गया। इसे फ्रान्स की दिग्गज ऑटो कंपनी प्यूजो ने सिर्फ 80 करोड़ रुपए में खरीदा है।

यूरोप की यह दिग्गज कंपनी लंबे समय से भारतीय बाजार में प्रवेश की योजना बना रही थी। इसने सीके बिड़ला समूह के साथ एक डील की थी, जिसके तहत यहां करीब 700 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना है। इस धनराशि से तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में हर साल 1 लाख वाहन बनाने की क्षमता होगी।

आजाद भारत में हिन्दुस्तान मोटर्स की एम्बेसडर कार का जलवा रहा है। एम्बेसडर कार पहली बार वर्ष 1942 में अस्तित्व में आई थी।

सिर्फ आम आदमी ही नहीं, यह वाहन कालांतर में भारत सरकार का अधीकृत वाहन बन गया। यह सेना और पुलिस में भी लंबे समय तक अपनी सेवाएं देता रहा है। हालांकि, समय बीतने के साथ और नई तकनीक आने के साथ ही सरकारी विभागों ने अपने बेडे़े से एम्बेसडर हटाना शुरू कर दिया।



पश्चिम बंगाल सरकार ने एम्बेसडर कार को बचाए रखने की पुरजोर कोशिश की। यहां टैक्सी के लिए इस कार को खरीदना अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन इसका भी फायदा नहीं हुआ।

हिन्दुस्तान मोटर्स ने कुछ नए मॉडल पेश जरूर किए, लेकिन वे ग्राहकों को लुभा नहीं सके। सुरक्षा मानकों पर यह कार विफल होने लगी। यह कंपनी समय के साथ और ईधन की बढ़ती कीमत के अनुसार अपने संयंत्र और कार के मॉडलों को उन्नत नहीं बना पाई, जिससे इसे आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है और अंतत: इसे संयंत्र में काम रोकना पड़ा।

फिलहाल पश्चिम बंगाल के उत्तर पाड़ा में स्थित संयंत्र को बंद कर देना पड़ा।


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