क्या आप जानते हैं कि पेट्रोल पंपों के शौचालयों के रख-रखाव का खर्च आपसे वसूला जाता है?

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Updated on 23 Aug, 2017 at 6:54 pm

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देश के ज्यादातर लोगों को शायद इस बात की जानकारी नहीं है कि जब भी कोई पेट्रोल पम्प पर डीजल या पेट्रोल भरवाने जाता है, तो वह वहां के शौचालय के रखरखाव का शुल्क भी चुकाता है। जी हां, आप प्रति लीटर डीजल खरीदने पर 6 पैसे और पेट्रोल की खरीद पर 4 पैसे शौचालयों के मेंटिनेंस के रूप में देते हैं।

शुल्क के रूप में वसूले गए इन पैसों का इस्तेमाल पेट्रोल पंपों पर शौचालयों के निर्माण और उनके रखरखाव पर होता है।

आपको बता दें कि जिस किसी को भी पेट्रोल पम्प खोलने का लाइसेंस दिया जाता है, तो उसके प्रावधान में पेट्रोल पंप पर पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होने की बात स्पष्ट तौर पर होती है, लेकिन अधिकतर पेट्रोल पंपों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था उच्च मापदंडों पर खरी नहीं उतरती है।

ऐसे में अगर आपको किसी पेट्रोल पंप पर शौचालय की सुविधा अनुकूल नहीं दिखती है, तो आप स्वच्छता ऐप के जरिए पेट्रोलियम मंत्रालय से इसकी शिकायत कर सकते हैं। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप पर बने शौचालयों का इस्तेमाल हर कोई कर सकता है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी इस रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा है कि उन पेट्रोल पंपों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जहां शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है या उनका रखरखाव सहीं से नहीं किया जा रहा है।

उधर, पेट्रोल पंपों के मालिकों का कहना है कि हर महीने एक पेट्रोल पंप औसतन 1 लाख 70 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री करता है, जिससे शौचालयों की देखभाल के लिए करीबन 9,000 रुपये का शुल्क प्राप्त होता है। इस तरह से जो भी शुल्क जमा होता है वह आवयश्कता से बहुत कम होता है।

इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी ने शुल्क के कम होने की बात तो मानी, लेकिन कहा कि पेट्रोल पंप शौचालयों के भलीभांति रखरखाव के लिए बाध्य हैं और उन्हें इसे पूरा करना ही होगा।

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