इस जगह के लोग रावण को मानते हैं दामाद, पुतला न जलाने की करते हैं अपील

Updated on 18 Oct, 2018 at 6:56 pm

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रावण को हमारे यहां बुराई का प्रतीक माना जाता है, तभी तो दशहरे के दिन रावण का पुतला जलाकर बुराई का अंत किया जाता है। लेकिन मध्यप्रदेश में एक जगह ऐसी है जहां के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं और उसका बहुत मान-सम्मान करते हैं।

 

 

ये जगह है मंदसौर, जिसका पुराना नाम दशपुर था। कहा जाता है ये रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका है इसलिए यहां के लोग रावण को अपना जमाई मानते हैं। इसलिए तो दशहरे में जहां पूरे देश में रावण का पुतला जलाया जाता है, इस जगह लोग रावण की पूजा करते हैं।

 

आपको जानकर हैरानी होगी यहां के लोग दशहरे को रावण मोक्ष दिवस के रूप में मनाते हैं और वो बाकी लोगों से रावण का पुतला न जलाने की अपील भी करते हैं।

 


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हिंदू धर्म में रावण को असुर माना गया है और उसकी पूजा नहीं की जाती। इसलिए मंदसौर के लोगों की परंपरा बहुत अजीब है। लेकिन इस बारे में उनका तर्क है रावण भगवान शिव के परम भक्त और महाज्ञानी थे इसलिए वे लोग रावण की आराधना करते हैं। शहर के परदेशीपुरा क्षेत्र में रावण का मंदिर भी है जहां लोग रावणचालीसा और रावण महाआरती करते हैं। मंदसौर के एक संगठन का कहना है सिर्फ़ इंदौर में करीब 900 लोग दशहरे पर रावण की पूजा-अर्चना करते हैं।

 

 

हिन्दुओं के नामदेव समुदाय के लोग रावण को ‘मंदसौर का दामाद’ मानते हैं। मध्यप्रदेश के कई इलाकों में रावण का मंदिर है और वहां लोग भगवान की तरह रावण की पूजा करते हैं। पूजा-पाठ लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा मसला है जिसे जबरन बदला नहीं जा सकता, तभी तो पूरा देश जहां रावण को राक्षस और बुराई का प्रतीक मानता है, वहीं कुछ लोग आज भी रावण को पूजते हैं।

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