सिर्फ 10 सेकेंड में कैंसर का पता लगाएगा यह ‘पेन’!

Updated on 8 Sep, 2017 at 7:32 pm

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कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो कब किसको हो जाए, कहा नहीं जा सकता। यह बेहद खौफनाक है। कैंसर की खास बात यह है कि अगर शुरुआती दौर में इसके बारे में पता चल जाए तो मरीज बच सकता है। लिहाजा एक ऐसा आविष्कार सामने आया है जो इसके लक्षणों को आसानी से पता कर लेगा। जी हां! एक छोटा-सा पेन महज़ 10 सेकेंड में कैंसर के लक्षणों को पहचान सकता है।

इस डिवाइस को अमेरिका के टैक्सस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसके आविष्कार के कैंसर की पहचान और उपचार तेजी से किया जा सकेगा।

साइंस ट्रांस्लेशनल मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक़, ये डिवाइस एक्युरेट रिजल्ट देता है। इसकी मदद से 96 फीसद टेस्ट सही निकलता है। इस पेन को कैंसर संभावित जगह पर रखा जाता है, फिर पेन से पानी की एक छोटी-सी बूंद निकलती है। पेन पानी की बूंद के माध्यम से जीवित कोशिकाओं के भीतर मौजूद रसायन को सोख लेता है। इस पेन में लगा स्पेट्रोमीटर प्रत्येक सेकेंड में हज़ारों रसायनों का द्रव्यमान माप सकता है। पेन की मदद से एक प्रकार का रसायनिक फिंगरप्रिंट तैयार हो जाता है। इससे डॉक्टर आसानी से पहचान पाते हैं कि टिश्यू में कैंसर है या नहीं।


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टैक्सस यूनिवर्सिटी में रसायन विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर लिविया ने बतायाः



“कैंसर टिश्यू की पहचान करना डॉक्टर के लिए खासा चुनौतीपूर्ण होता है। यह डिवाइस बड़ी ही आसानी से कैंसर टिश्यू की पहचान कर लेता है, इसे इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है।”

कैंसर की पहचान को लेकर इस डिवाइस पर और काम होने हैं। अभी तक 253 सैम्पल पर इसका परीक्षण किया गया है। अभी इसके माध्यम से 1.5 मिलिमीटर तक छोटा टिश्यू पहचाना जा सकता है। शोधार्थियों की मानें तो वो पेन को और ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश में हैं, जिससे 0.6 मिलिमीटर तक छोटे टिश्यू की पहचान की जा सके।

यह पेन बेहद सस्ता है, लेकिन इसमें लगा स्पेक्ट्रोमीटर काफी महंगा और भारी है। डॉ. एबरलिन के अनुसार, ये डिवाइस तभी सफल हो सकता है, जब स्पेक्ट्रोमीटर सस्ता और हल्का होगा। इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इससे पहले भी कैंसर के इलाज से जुड़े उपकरण बनाए गए हैं। लंदन के इम्पीरियल कॉलेज में एक ऐसा चाकू विकसित किया गया जिससे कैंसर की पहचान की जा सकती है। साथ ही हावर्ड यूनिवर्सिटी की टीम ब्रेन कैंसर को लेज़र तकनीक के प्रयोग से ठीक करने पर काम कर रही है।


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