सेक्रेटरी से Paytm की वाइस प्रेसिडेंट बनी सोनिया धवन की कहानी किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है

Updated on 27 Oct, 2018 at 9:10 pm

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डीजिटल ट्रांजेक्शन की मशहूर कंपनी पेटीएम इन दिनों गलत वजहों से सुर्ख़ियों में है। कंपनी की सेक्रेटरी और वाइस प्रेसिडेंट (कम्यूनिकेशन) सोनिया धवन पर कंपनी के मालिकों का प्राइवेट डेटा चुराने और ब्लैकमेल करके 30 करोड़ की रकम मांगने का आरोप लगा है। सोनिया धवन फ़िलहाल अपने पति और एक अन्य कर्मचारी के साथ जेल में है, लेकिन जिस तरह से ये पूरा मामला सामने आया है, ये किसी फ़िल्म की कहानी से कम दिलचस्प नहीं है।

 

 

पैसों के लालच में इंसान को सही-गलत की समझ नहीं रहती। शायद सोनिया धवन के साथ भी ऐसा ही हुआ। खबरों की माने तो सोनिया ने पैसों के लालच में कंपनी का 10 सालों का विश्वास तोड़ दिया। सोनिया ने बतौर पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा की सेक्रेटरी के रूप में कंपनी ज्वाइन की थी। सोनिया धवन की कंपनी में हैसियत काफ़ी अच्छी थी। सोनिया महज़ आठ सालों में विजय शंकर की सेक्रेटरी से वाइस प्रेजिडेंट (कम्युनिकेशंस) की बन गईं। धवन ने 2010 में पेटीएम में 7 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर जॉब शुरू की थी। मोटा सैलरी पैकेज, करोड़ों के शेयर और कंपनी के मालिक के साथ काम करने का मौका, सब था उसके पास। महज 8 सालों में धवन की सैलरी 7 लाख से बढ़कर 85 लाख तक पहुंच गई और उसके पास कंपनी में 10 करोड़ रुपये की इक्विटी थी। लेकिन उसका लालच उसे ले डूबा।

कहा जा रहा है उसे पैसे कमाने की जल्दी थी। उसका पति कुछ खास काम नहीं करता था। घर भी सोनिया की कमाई से ही चलता था। पति की फ़िज़ूलखर्ची के लिए कई बार सोनिया ने कंपनी से एडवांस भी लिया, जिसके लिए कंपनी ने उसे कई बार समझाया भी।

 

 


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कहा जा रहा है ब्लैकमेलिंग केस में सोनिया के साथ ही उसका पति रुपक जैन और कंपनी का एडमिन देवेंद्र भी शामिल है। सोनिया ने पूरी प्लानिंग करने के बाद देवेंद्र को भी लालच देकर अपने प्लान में शामिल कर लिया। इसके बाद देवेंद्र ने इस काम में अपने एक पुराने दोस्त को भी शामिल किया। उसका काम फ़िरौती की रकम को एक फ़र्ज़ी अकाउंट बनवाकर उसमें ट्रांस्फर करवाना था।

कंपनी के मालिक विजय शेखर और उनके भाई को जब फ़िरौती के लिए फ़ोन आए तो इस मुद्दे पर सोनिया उनसे बहुत सीरियसली बात करती थी और सलाह देती थी। सोनिया ने कई बार कहा था वह फ़िरौती मांगने वालों को पैसे दे दें, क्योंकि अगर उन्होंने रुपये नहीं भेजे तो ग्राहकों का विश्वास भी टूट जाएगा, जिससे बिजनेस को नुकसान हो सकता है।

 

 

पेटीएम के मालिक का आरोप है सोनिया ने एडमिन देवेंद्र कुमार व अपने पति रूपक जैन के साथ मिलकर उनकी व उनके भाई के मोबाइल व लेपटॉप का सीक्रेट डेटा भी चोरी कर लिया था। विजय शेखर के भाई ने फ़िरौती के सिलसिले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और जांच के बाद सोनिया धवन, उसके पति रूपक जैन और एडमिन देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

 

उधर सोनिया के वकील और परिवारवालों का कहना है सोनिया को फंसाया जा रहा है और उसने कुछ गलत नहीं किया है। वहीं विजय शेखर शर्मा का कहना है हो सकता है सोनिया सिर्फ़ एक मोहरा हो। ऐसे में सवाल उठता है क्या ये कोई बड़ी साजिश है या फिर मामला कुछ और ही है। अब सच का पता तो पूरी जांच के बाद ही चलेगा।

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