पास होने के बावजूद बिहार बोर्ड ने कर दिया फेल, हाईकोर्ट ने लगाया पांच लाख रुपए जुर्माना

Updated on 23 Oct, 2017 at 5:21 pm

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बिहार की लचर शिक्षा व्यवस्था फिर से सुर्ख़ियों में है।

इंटर टॉपर्स स्कैम में हुई बोर्ड की फजीहत अभी जेहन में ताजा ही थी कि बोर्ड की एक छात्रा हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाकर सरकार और बोर्ड प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बोर्ड ने मैट्रिक रिजल्ट के समय पास होने के बावजूद एक छात्रा को फेल घोषित कर दिया था।

फेल होने के बाद छात्रा ने हिम्मत न हारकर बोर्ड के इस फैसले के विरुद्ध उठ खड़ी हुई और हाईकोर्ट तक पहुंच गई। उसने अपने आत्मविश्वास के बल पर न सिर्फ पास होने का स्टेटस प्राप्त किया बल्कि बोर्ड को जुर्माना भी भरने को बाध्य कर दिया। पटना हाईकोर्ट ने बिहार परीक्षा बोर्ड पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

गौरतलब है कि सहरसा जिले के एक विद्यालय की छात्रा प्रियंका सिंह को बोर्ड ने मैट्रिक के नतीजों में फेल घोषित कर दिया था। उसे संस्कृत में 4 और विज्ञान में 29 नंबर मिले थे। प्रियंका ने बोर्ड की लापरवाही भांपते हुए इसे हाईकोर्ट में खुली चुनौती दी। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सिटानाबाद पंचायत के गंगा प्रसाद टोले की प्रियंका सिंह को बोर्ड अब पांच लाख जुर्माना भी देगी। अपने इस आत्मविश्वासी कदम से प्रियंका ने सिर्फ प्रथम डिवीजन ही नहीं बल्कि टॉपर्स में दसवां स्थान पाया।

फैसले तक पहुंचना नहीं रहा आसान


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‘प्रियंका को विभिन्न विषयों में मिले अंक बहुत कम लग रहे थे। ऊपर से फेल होने पर अभिभावक उसे डांटे जा रहे थे। प्रियंका अपने इस परीक्षा परिणाम से हताश थी। उसने हिम्मत करके आंसर-शीट की स्‍क्रूटनी के लिए फार्म भरा लेकिन बोर्ड ने ‘नो चेंज’ कह कर प्रियंका को फिर से फेल करार दे दिया। इसके बाद भी प्रियंका जिद पर अड़ी रही और उच्च न्यायालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगायी। बिहार स्‍कूल एग्‍जामिनेशन बोर्ड प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश में लगा रहा और कोर्ट तथा बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। फिर भी प्रियंका ने आंसर-सीट दिखाने की जिद पर अड़ी रही और बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा कर एग्‍जामिनेशन बोर्ड को संस्‍कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा। बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंची व फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहरायी। लेकिन प्रियंका ने जब अपना अंसार शीट देखा तो पाया कि वह उसका आंसर सीट नहीं है। बाद में बोर्ड ने अपनी गलती स्वीकारी और उसके आंसर सीट की गलत बार कोडिंग की बात स्वीकारते हुए उसकी असल कॉपी पेश किया।’

प्रियंका के इस कदम से बोर्ड के आंसर-सीट की अनियमितता का पर्दाफाश हुआ तो साथ ही कोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के एग्‍जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा। परीक्षा समिति को कोर्ट ने सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। इस प्रकार प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

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