व्हीलचेयर के लिए रिश्वत देने से किया मना तो मरीज को बच्चे की टॉय साइकिल से डॉक्टर के पास भेजा

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Updated on 19 Mar, 2017 at 5:50 pm

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जहां एकतरफ प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना महंगा होता है, वहीं देश के सरकारी अस्पतालों की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आये हुए मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं होती। ऐसा ही एक वाकया हैदराबाद के सरकारी अस्पताल में देखने को मिला। हैदराबाद स्थित गांधी अस्पताल में मरीज को घूस नहीं देने के कारण व्हीलचेयर देने से मना कर दिया गया।

मरीज को डॉक्टर के पास जाने के लिए व्हीलचेयर की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने इसके लिए डेढ़ सौ रुपए की मांग की। साथ ही स्टॉफ ने मोबाइल भी गिरवी रखने को कहा। मजबूरन व्हीलचेयर के अभाव में मरीज को अपने बेटे के ट्रायसाइकिल पर बैठकर डॉक्टर के वार्ड तक जाना पड़ा।

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इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पिछले साल अगस्त महीने में 40 साल के एस. राजू बिजली का करंट लगने से झुलस गए थे। वह इलाज करवाने अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी संतोषी थीं। उनकी पत्नी ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में उन्होंने अस्पताल प्रशासन से गुहार भी लगाई, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।


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आगे मरीज की पत्नी ने बताया कि वार्ड ब्वॉय ने 100-200 रुपए की घूस मांगी। यहां तक की कम से कम पांच मौके ऐसे भी रहे जहां विवश होकर उन्हें घुस भी देनी पड़ी। इस बार उनके पास वार्ड ब्वॉय को घूस देने के लिए पैसे नहीं थे, जिसकी वजह से उन्हें व्हीलचेयर मुहैया नहीं कराई गई। मजबूर होकर उन्हें बच्चे की ट्राइसाइकिल का इस्तेमाल करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर आते ही अस्पताल ने जांच समिति गठित की। मामले पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल ने दो कर्मियों को निलंबित कर दिया है।

यहां देखें विडियो:

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