इस कमांडो ने शरीर पर झेल ली 6 गोलियां, फिर भी लड़ता रहा आतंकवादियों से

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Updated on 8 Jan, 2016 at 5:26 pm

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पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले में एक के बाद एक वीरता और जौहर की कहानियां सामने आ रही हैं। इसी तरह की एक कहानी है, कमांडो शैलेश गौर की। एयरफोर्स बेस पर जैसे ही हमले की खबर सामने आई, सरकार ने तुरंत हरकत में आते हुए 12 विशेष कमांडो को तैनात कर दिया।

इनको टीम में बांट दिया गया। शहीद गुरुसेवक सिंह जब शहीद हो गए तो शैलेश और कटाल की टीम ने आतंकवादियों का सामना किया। इसी दौरान 24 साल उम्र के शैलेश को एक के बाद एक 6 गोलियां लगीं। इसके बावजूद बिना रुके वह आतंकवादियों पर हमले करते रहे। गोलियां लगने के एक घंटे बाद तक वह मोर्चे पर डंटे रहे थे।

खून लगातार बह रहा था। कुछ ही देर में कमांडो की दूसरी टीमें वहां पहुंच गईं और शैलेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां अब वह खतरे से बाहर बताए जाते हैं।

करीब 80 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में सात जवान शहीद हो गए, जबकि 20 बुरी तरह घायल हो गए।


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