चेहरा ही करेगा पासपोर्ट का काम, 2020 तक जरूरत नहीं पड़ेगी

author image
Updated on 23 Jan, 2017 at 5:41 pm

Advertisement

ऑस्ट्रेलिया एक ऐसी नई व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसके तहत अब पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्ष 2020 तक यात्रियों की पहचान के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि इसके लिए उनका चेहरा ही काफी होगा।

ऑस्ट्रेलिया ने अपने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के तहत यह फैसला किया है।

ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन विभाग अब यात्रियों की पहचान के लिए सेल्फ-प्रोसेसिंग सिस्टम पर काम कर रहा है। आने वाले समय में सुरक्षा संबंधी जांच के लिए फिंगरप्रिंट, आंख की पुतली और चेहरे का सहारा लिया जाएगा। ऐसा संभव होने की स्थिति में पासपोर्ट या किसी अन्य तरह के कागजातों की जरूरत नहीं र जाएगी।

देश के प्रमुख हवाई अड्डे और बंदरगाहों पर इस तरह की व्यवस्था जल्द ही की जाएगी।


Advertisement

देश के आव्रजन मंत्री पीटर डटन कहते हैंः

हमारा मकसद स्टाफ के पेपरवर्क और मैन्युअल प्रोसिसिंग को 90 फीसदी तक कम करने का है। हो सकता है कि आने वाले वक्त में लोगों को पासपोर्ट लेकर चलने की जरूरत ही न पड़े। इसके अलावा इससे एयरपोर्ट पर होनी वाली चेकिंग और बाकी मुश्किलों से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।

माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के चलन में आने से आतंकी हमलों का खतरा कम होगा, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि पर्यटन के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया एक बेहद लोकप्रिय गंतव्य है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement