पनामा पेपर्स: भारत की 415 बड़ी हस्तियां जांच के दायरे में, टैक्स चुराने का है आरोप

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Updated on 15 Nov, 2016 at 1:52 pm

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इसी साल अप्रैल में पनामा पेपर्स लीक होने के बाद कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, दुनियाभर की राजनीतिक-फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों और अपराधियों के वित्तीय लेन-देन की कलई खुलकर सामने आई थी। इन दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों के नाम भी शामिल हैं। इस बड़े खुलासे के करीब 7 महीने बाद टैक्स चुराने के आरोपों को लेकर भारतीयों के खिलाफ जांच जारी है।

पनामा पेपर्स जांच से जुड़े फिलहाल 415 भारतीय आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार 13 जगहों पर भारतीयों के स्वामित्व वाली ऑफशोर कंपनियों के बारे में 198 रेफरेंसेज पहले ही भेज चुकी है। इन कंपनियों के विदेशी खाते ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, बहामास, लग्जमबर्ग, न्यू जर्सी, सेशेल्स, स्विट्जरलैंड और सायप्रस जैसे देशों में हैं, जिन्हें ‘टैक्स हैवेन’ देश माना जाता है।

अप्रैल में पनामा पेपर्स लीक मामला सामने आने के बाद सरकार ने स्पेशल टास्कफोर्स बनाई थी, जिसे काले धन पर बनी एसआईटी ने इन्फॉर्मेशन मुहैया कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक सबसे अधिक रेफरेंसेज इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नई दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की यूनिट्स को भेजे गए हैं।

पनामा पेपर्स डाटा में 2.10 लाख ऑफशोर कंपनियां दर्ज हैं। इनमें से आधी तो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड से ही जुड़ी हैं। जांच के दौरान इनकम टैक्स (इन्वेस्टिगेशन) विंग अब तक डाटा में दर्ज 9 भारतीयों के घरों की तलाशी ले चुकी है, जबकि 14 अन्य के बारे में सर्वे जारी है।

“पनामा पेपर” पनामा (मध्य अमरीका का एक देश) स्थित मोसेक फॉन्सेका नामक विधि फर्म के वो दस्तावेज हैं जो निवेशकों को कर बचाने, काले पैसे को सफेद करने और अन्य कामों से जुड़े होते हैं। इन मामले में अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।


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