पान की दुकान चलाने वाले यह नौजवान बन गया MBBS डॉक्टर, जानिए कैसे ?

author image
Updated on 5 Apr, 2016 at 12:39 am

Advertisement

सही कहते हैं कि उड़ान भरने के लिए परों की नही, हौसलों की ज़रूरत होती है। ऐसे ही बेजोड़ हौसले की मिसाल हैं, भरत साहू। बिलासपुर में पान की दुकान चलाते हुए भरत एमबीबीएस डॉक्टर बन गए।

रायपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे भरत और उनके परिवार की जीविका पान के दुकान पर निर्भर रही है। उनका परिवार बिलासपुर में जूना के गांधी चौक मोहल्ले में रहता है। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा दो बड़े भाई हैं। आर्थिक तंगी के कारण बड़े भाइयों को पढ़ाई से मुंह मोड़ना पड़ा।

भरत की किस्मत में कुछ और ही लिखा था। भरत ने स्कॉलरशिप लेकर 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। कठिन परिश्रम की बदौलत उसने 12वीं में स्टेट में टॉप किया।

घर की तंग हालत की वजह से उसे वार्ड ब्वाॅय की नौकरी करनी पड़ी। नौकरी के बाद समय निकालकर भरत पढ़ाई करता था। उसके इस लगन को पिता जनक राम साहू ने समझा और नौकरी को छोड़ कर पीएमटी एग्जाम की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया।

भरत पान की दुकान संभालने के साथ-साथ मेडिकल की परीक्षा में जुट गया। उसे वर्ष 2011 में अच्छी रैंकिग मिली और उसका दाखिला रायपुर के मेडिकल कॉलेज में हो गया। 5 साल की पढ़ाई करने के बाद 29 मार्च 2016 को उसे वहां से एमबीबीएस की डिग्री मिल गई है।

भरत के सरल स्वभाव और कठोर परिश्रम को कॉलेज के प्रोफेसर्स ने बखूबी जाना। वे भरत की हर प्रकार से मदद करते थे। भरत ने यहां 2014-15 के लिए स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा। उसे एकतरफा जीत मिली। फिलहाल वह अपना पूरा ध्यान मेडिकल करिअर पर दे रहा है।

कठोर परिश्रम और लगन के इस बेहतरीन मिसाल के बारे में आप की क्या राय है ?


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement