चीन की कैद में हैं पाकिस्तानी पतियों की बेगमें, दोस्ती में पड़ रही है दरार!

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Updated on 27 Sep, 2018 at 1:28 pm

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चीन पूरी दुनिया में अपने यहां होने वाले मानवाधिकार हनन को लेकर बदनाम है। हाल ही में चीन का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसके बाद चीन और पाकिस्तान की दोस्ती में दरार पड़ती दिख रही है।

 

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी उइगर मुसलमान बेगमों को, चीन के इकलौते मुस्लिम राज्य शिनजियांग प्रांत में बंधक बना लिया गया है। अब इनकी रिहाई को लेकर पाकिस्तानी पति दूतावास और नई नवेली इमरान सरकार से अपनी बेगमों और बच्चों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।

 

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हाल ही में कुछ देशों और यूएन की मानवाधिकार संस्था ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया था कि चीन के शिनजियांग प्रांत में रह रहे उइगर मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर लगातार प्रतिबंध थोप रहा है और रि-एजुकेशन सेंटर की आड़ में इन्हें देशभक्त बनाने के नाम पर इनका माइंड वॉश किया जा रहा है।

बहरहाल, पाकिस्तानी नागरिक मिर्जा इमरान बेग ने बतायाः

“मेरी पत्नी चीनी मूल की उइगर मुसलमान हैं। मेरी बेगम मलिका मामिती 2017 मई में चीन गई थीं और तब से अब तक वापस नहीं लौटी हैं। मैं पत्नी और बच्चों से मिलने के लिए तरस रहा हूं और दूतावास के चक्कर काट रहा हूं। मुझे तो ऐसी खबर भी मिली है कि मेरी पत्नी को भी जबरन विचार परिवर्तन के लिए कैंप में भेजा गया है।”

 

 

इस अभियान में चीन ने देश विरोधी गतिविधियों के नाम पर 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को खुफिया सामूहिक हिरासत शिविरों में बंदी बना रखा है।

मियां शाहिद इलियास भी उन भुक्तभोगी पतियों में से एक हैं, जिनकी बेगम शिनजियांग के शिविर में क़ैद हैं। उनकी बेगम पिछले साल के अप्रैल से वापस नही लौटी हैं। इलियास बताते हैंः

“इस वक्त मेरी जानकारी में कम से कम 38 ऐसे पाकिस्तानी हैं, जिनकी पत्नी चीन के शिनजियांग प्रांत से वापस नहीं लौट रही हैं। उन्हें जबरन वहां बंधक बना लिया गया है और परिवार के पास लौटने नहीं दिया जा रहा।”

 

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक. चीन इन महिलाओं और उइगर मुसलमानों को अपना नागरिक मानता है और उनके पाकिस्तान जाने पर प्रतिबंध भी लगाता रहा है। वहीं, चीन में गायब होती अपनी पत्नियों की वजह से पाकिस्तानी व्यापारी खासे परेशान हैं और उनके साथ किसी भी तरह से संपर्क न होने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही है।

 

आपको बता दें चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के ऊपर सरकार और प्रशासन की सख्ती की खबरें आती रहती हैं। 2014 में शिनजियांग की सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों के रोजा रखने और मुस्लिम नागरिकों के दाढ़ी बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी थी। 2014 में ही राष्ट्रपति जिनपिंग के आदेश पर यहां की कई मस्जिदें और मदसों के भवन ढहा दिए गए। इसके अलावा विचार परिवर्तन के नाम पर इन शिविरों में मुस्लिमों को जबरन पार्टी की सदस्यता के लिए वफादारी की कसम खिलाई जाती है।


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