आपका दिल छू लेगी पाकिस्तानी मोटिवेशनल स्पीकर मुनीबा मजारी की कहानी

Updated on 3 Nov, 2017 at 3:18 pm

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कलाकार, मॉडल, टीवी होस्ट, एक्टिविस्ट, मोटिवेशनल स्पीकर… एक ही शख्स में यदि इतने सारे गुण हों तो ज़ाहिर है कि वो बहुत खास होगा। ऐसी ही एक खास शख्सियत हैं पाकिस्तान की मुनीबा मजारी। मुनीबा वाकई में 21वीं सदी की महिलाओं को प्रतिनिधित्व करती हैं। फिलहाल वो पाकिस्तान में महिलाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र की गुडविल एंबेसडर के रूप में काम कर रही हैं। इतना ही नहीं, कई अंतराष्ट्रीय प्लैटफॉर्म जैसे ग्लोबल लीडरशिप कॉन्फ्रेंस और टेडेक्स पर मोटिवेशनल लेक्चर दे चुकी हैं, लेकिन इस खूबसूरत और ज़िंदादिल महिला की सफलता की राह इतनी आसान नहीं थी। दर्द और मुश्किलों को हराकर मुनीबा कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ी हैं।

कम उम्र में शादी

मुनीबा का जन्म बलोचिस्तान के एक बेहद रूढ़िवादी परिवार में हुआ था, जहां महिलाओं को अपने विचार व्यक्त करने की भी आज़ादी नहीं थी। पुरुष जो भी कहें महिलाओं को उसे मानना ही होता था। मुनीबा बचपन से ही कलाकार (पेंटर) बनने का सपना देखती थीं, लेकिन उनके पिता ने 18 साल की उम्र में ही उनकी शादी करवा दी। वह अपनी शादी से बहुत खुश नहीं थी, बावजूद इसके इस रिश्ते को 3 साल तक निभाया।


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… और बदल गई दुनिया

21 साल की उम्र में मुनीबा का कार एक्सीडेंट हो गया जिसने उन्हें हमेशा के लिए व्हीलचेयर पर बैठा दिया। दरअसल, मुनीबा पति के साथ कार से कहीं जा रही थी। ड्राइव करते वक़्त पति की आंख लग गई और भंयकर हादसा हो गया। पति तो कार से कूद गया, लेकिन मुनीबा कार में ही रही, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई। जब उन्हें होश आया तो उनकी पूरी दुनिया ही बदल चुकी थी। मुनीबा के कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। इतना ही नहीं, जब डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वो कभी मां नहीं बन सकती, तो मुनीबा पूरी तरह टूट गई। उस वक़्त मुनीबा को लगा कि अब जीने का कोई मकसद ही नहीं है। उन्हें मर जाना चाहिए।

नई शुरुआत

इसी बीच उन्होंने अपने पुराने शौक पेंटिंग को फिर से ज़िंदा किया। मुनीबा के मुताबिक उन्हें इसमें मज़ा आने लगा और तब उन्होंने ज़िंदगी को दोबारा जीने के बारे में सोचा। मुनीबा कहती हैं, “मैं अपने लिए जीना चाहती थी, खुद को दूसरों के लिए परफेक्ट बनाने में समय नहीं बर्बाद करना चाहती. मैंने उन सभी चीज़ों की लिस्ट बनाई जिनसे मुझे डर लगता था, मैं अपने डर को जीतना चाहती थी।”



मुनीबा का सबसे बड़ा डर था तलाक, जिस पर उन्होंने आखिरकार जीत हासिल कर ली और एक्सीडेंट के समय उन्हें छोड़कर जाने वाले पति से तलाक ले लिया। फिर उन्होंने एक बच्चे को गोद लिया, ताकि किसी एक अनाथ को प्यार और अच्छी ज़िंदगी मिल सके।

व्हीलचेयर पर होने के बावजूद उन्होंने हर वो काम किया जिससे उन्हें खुशी मिलती है। मुनीबा एक इंटरनेशनल हेयर केयर ब्रांड के लिए मॉडलिंग भी कर चुकी हैं. व्हीलचेयर पर बैठकर ऐसा करने वाली वो पहली पाकिस्तानी महिला हैं। पेटिंग की दुनिया में एक जाना-माना नाम बन चुकी मुनीबा ने हाल ही में मुनीबा कैनवस नामक अपना ब्रानंड शुरू किया है, जिसका स्लोगन ‘Let Your Walls Wear Colors’ है।

इस बात मे कोई दो राय नहीं है कि मुनीबा हर उस इंसान के लिए एक प्रेरणा है जो ज़िंदगी की मुश्किलों से हार मान जाते हैं। मुनीबा पब्लिक फोरम पर लोगों से मोटिवेशन स्पीकर के रूप में बात करती हैं।

यहां देखिए विडियो।


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