नकल के मामले में अब चीन के रास्ते पर चल रहा है पाकिस्तान, भारतीय विज्ञापन से चुराया आइडिया

Updated on 12 Apr, 2018 at 12:58 pm

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पाकिस्तान जब से भारत से निकला है, तब से बैर किए बैठा है। लंबे समय से आतंकवाद को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तान की अब यह स्टेट पॉलिसी है। चाहे कश्मीर हो या फिर भारत के अन्य सीमावर्ती राज्य, पाकिस्तान अपने जिहादियों को हिन्द की सरजमीं पर उत्पात मचाने भेजता रहा है। भारत के प्रति पाकिस्तान की आतंक-परस्त नीति अब भी जारी है।

हालांकि, जब कला से लेकर क्रिकेट तक की बात आती है तब भारत के बिना पाकिस्तान का काम नहीं चलता है। पाकिस्तानी कलाकारों को भी भारत में काम चाहिए और क्रिकेटर भी पैसा कमाने के लिए भारत आने चाहते हैं।

कला और क्रिकेट को देखकर कहा जा सकता है कि पाकिस्तान में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हालांकि, हम यहां साफ कर देना चाहते हैं कि पाकिस्तान नकल करने में भी पीछे है। इस बात को हम साबित भी कर देंगे।

 


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अब एक फ्रेम में ये दोनों तस्वीरें देखिए।

 

पहले यह…।

 

 

फिर ये…।

 

 

दरअसल, पाकिस्तान में वसीम अकरम पर फिल्माया यह विज्ञापन चल निकला है, लेकिन इसके भीतर की सच्चाई हिला देगी। अल्मीराह सलवार कमीज के एक विज्ञापन में अकरम अपने अब्बू की याद में बोलते नजर आते हैं। बचपन को बयां करते वसीम अकरम खो से जाते हैं।

 

 

…लेकिन यहां हमने राज खोज निकला है !

 

कहते हैं ना…नक़ल के लिए भी अकल की जरूरत होती है, यहां वो चरितार्थ होता दिख रहा है।

 

भारत में वर्ष 2013 में अमिताभ बच्चन पर एक विज्ञापन फिल्माया गया था। बिनानी सीमेंट के विज्ञापन में जिस प्रकार अमिताभ बच्चन दिखे, ठीक उसी तरह अकरम को देखकर अटपटा लग सकता है। ख़ासकर भारत में लोगों को तो ऐसा ही लगेगा। यह अलग बात है कि क्रिएटिविटी को ‘रेस्ट इन पीस’ बोलते पाकिस्तानी एड एजेंसियों को जरा भी गलत नहीं लगा।

 

 

 

अब यहां आप खुद देख सकते हैं कि कैसे दोनों विज्ञापनों में समानताएं हैं। इतना ही नहीं, ये भी आपको सहज ही पता चल जाएगा कि आखिर नकलचियों ने कहां चूक कर दी है!

पब्लिक है सब जानती है…क्या नकली है, क्या असली है!

ये रहा पाकिस्तानी विज्ञापन जो वसीम अकरम पर फिल्माया गया है।

 

ये देखिए असली विज्ञापन जो अमिताभ बच्चन ने प्रभावशाली अंदाज में पेश किया है।

 

 

अब तक नकल करने के मामले में चीन को आगे माना जाता रहा था। हालांकि, अब चीन का ‘फास्ट फ्रेन्ड’ पाकिस्तान भी इसी रास्ते पर चल रहा है।

अब तो बस इतना ही कहना चाहूंगा…क्रिएटिविटी की कब्र सजाने वालों तुम्हारा कभी भला नहीं होगा!


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