पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अफसर को धक्के मारकर घर से निकाला, ट्विटर पर लोग हुए नाराज

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Updated on 11 Jul, 2018 at 4:24 pm

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पाकिस्तान में सिख और हिंदुओं के साथ अत्याचारों की खबरें आती रहती हैं। एक और नए मामले में एक सिख परिवार के साथ अत्याचार हुआ है। लाहौर से 28 किलोमीटर दूर डेरा चहल में पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस ऑफिसर गुलाब सिंह को उनके परिवार समेत जबरन घर से धक्के मारकर निकाल दिया गया।

 

सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ पाकिस्तानी अफसर उनके घर घुसे और जबरन परिवार सहित उन्हें घर से निकाल दिया गया। इस दौरान उन्होंने गुलाब सिंह की पगड़ी खोल दी और उनके बालों को भी खींचा। उन्होंने कहा कि इसी तरह पाकिस्तान में सिखों के साथ व्यवहार किया जाता है।

 


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उन्होंने बताया कि पत्नी और तीन बेटों के सामने उनकी पिटाई भी की गई। विडियो के जरिए गुलाब सिंह ने अपने ऊपर हुए इन अत्याचारों को दुनिया के सामने रखा। विडियो मैसेज में गुलाब सिंह ने कहाः

 

“उन्होंने मेरी पगड़ी निकाल फेंकी, मुझे बालों से खींचा, मुझे घसीटा और पत्नी और तीन बच्चों के साथ हमारे घर से बाहर निकाल दिया और अब हम सड़क पर बैठे हैं।”

 

 

सिंह लाहौर के गुरुद्वारा बेबे नानकी जन्म स्थान की जमीन पर बने लंगर हॉल परिसर में रहते हैं। इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड का कहना है कि हॉल में कुछ लोग अवैध तरीके से रहने लगे थे। इसलिए उन्हें हटाया गया। वहीं, सिंह का कहना है कि वे कोर्ट से स्टे ले आए थे, फिर भी यह कार्रवाई हुई। सिंह ने इस घटना को पाकिस्तान से सिखों को निकालने की साजिश बताया।

 

सिंह ने पाकिस्तान हुकूमत की इस कार्रवाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहाः

 

“1947 से ही मेरा परिवार पाकिस्तान में रह रहा है। दंगों के बाद भी हमने ये देश नहीं छोड़ा, लेकिन अब हमें इसके लिए मजबूर किया जा रहा है। मेरे मकान को सील कर दिया गया। पूरा सामान यहां तक कि मेरी चप्पल भी अंदर रह गई हैं। मैंने पगड़ी भी पुराने कपड़े से बनाकर बांधी है। मुझे पीटा गया और मेरी धार्मिक आस्था का अपमान किया गया। अगर वे चाहते थे कि मैं घर से निकलूं तो वे मुझे एक नोटिस भेज सकते थे।”

 

 

गुलाब सिंह ने अपनी विडियो में आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सरकार जबरदस्ती सिख समुदाय के लोगों को देश से बाहर निकालना चाहती है। गुलाब सिंह ने कहाः

 

“मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि मेरी ज्यादा से ज्यादा मदद करें और इस विडियो को भी शेयर करें और पूरी दुनिया को यह बताएं कि पाकिस्तान में सिखों के साथ क्या जुल्म और ज्यादती हो रही है।’

 

 

सिंह ने बताया कि पाकिस्तान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) की मुख्य संस्था इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के इशारे पर उन्हें घर से बेदखल किया गया। सिंह ने कहाः

 

“ईटीपीबी 1975 में बना। इसने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के साथ एक करार किया। इसमें कहा गया कि पाक में रहने वाले सिखों से गलत बर्ताव नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद हमें घर से निकाल दिया गया। उनके पास करोड़ों रुपए आते हैं, लेकिन हम पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया जाता। अब मैं अदालत की अवमानना का केस दायर करूंगा।”

 

वहीं, इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भारतीय लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस घटना को शर्मनाक बताया और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की।


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