दिवालिया होने के कगार पर है पाकिस्तान !

Updated on 5 Sep, 2018 at 7:33 pm

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पाकिस्तान दिवालिया होने के कगार पर है।

इस आशंका की वजह विश्व बैंक की वह रिपोर्ट में है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को अपने चालू खाता घाटे से उबरने के लिए 17 अरब डॉलर यानी तकरीबन 1 लाख 10 हजार 300 करोड़ रुपए की जरूरत है। यही वजह है कि पाकिस्तान को अब अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मदद लेनी पड़ सकती है।

पाकिस्तान नियमित तौर पर युद्ध की धमकी देता रहा है।

पाकिस्तान अपनी सेना पर बेतहाशा पैसा खर्च करता है, जबकि सरकार की कमाई कम है। वहीं, अमेरिका से मिलने वाले फंड पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। आमदनी और खर्च का असंतुलन इस कदर गहराया है कि अब स्थिति के सुधरने की उम्मीद कम ही है।


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विश्व बैंक का कहना हैः



“दूसरे देशों से कारोबार के मामले में पाकिस्तान विपरित परिस्थितियों से गुजर रहा है और अगर लगातार बढ़ता वित्तीय घाटा नहीं रोका गया तो अर्थव्यवस्था जोखिम में जा सकती है। इस वजह से पाकिस्तान को विदेशों से आर्थिक मदद की जरूरत पड़ेगी। अगले वित्त वर्ष (2018) के लिए उसकी जीडीपी का 5 से 6 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से मिलने वाली वित्तीय सहायता के जरिए पूरा करना होगा।’”

विश्व बैंक ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के एक हाई प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद जारी की है।

इस प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के वित्त सचिव शाहिद महमूद के सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए वर्ल्ड बैंक के उपाध्यक्ष ऐनट डिक्सन के नेतृत्व वाली टीम से मिला था।

हालांकि, पाकिस्तान के लिए राहत की बात यह है कि विश्व बैंक ने उसे समर्थन जारी रखने की बात कही है।


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