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जानिए पनामा पेपर कांड में फंसे नवाज शरीफ का जाना भारत के लिए बुरी खबर क्यों है?

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4:57 pm 28 Jul, 2017

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पनामा पेपर कांड में फंसे नवाज शरीफ ने इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के इस मामले में सुनवाई करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को न केवल दोषी करार दिया है, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहराया है। पनामा पेपर लीक्स पर लंबे समय से चर्चा हो रही है, लेकिन नवाज शरीफ को अंदाना नहीं था कि उन्हें अपना पद छोड़कर इस पूरे मामले की भरपायी करनी होगी। यह अलग बात है कि अभी उन पर मुकदमा चलेगा। इसमें उन्हें सजा भी हो सकती है।

ट्वीटर पर नवाज शरीफ के जाने पर जमकर चर्चा हो रही है।


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नवाज शरीफ का जाना भारत के लिए बुरी खबर

आमतौर पर पाकिस्तान में सरकार कोई भी हो, उसका रवैया भारत के खिलाफ ही रहता है। इस्लामिक आतंकवाद को पाकिस्तान सरकारी नीति की तरह इस्तेमाल करता रहा है। हालांकि, पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए विशेषज्ञ यह मानते हैं कि अगर पाकिस्तान में मजबूत, लोकप्रिय लोकतांत्रिक सरकार हो तो भारत के लिए बेहतर होता है। पाकिस्तान में लंबे समय से सेना का शासन रहा है और यही वजह है कि वहां की सरकार पर गाहे-बगाहे सेना का प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि नवाज के जाने के बाद क्या? अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि नवाज के जाने के बाद पाकिस्तान की बागडोर किसके हाथ में होगी। यहां अगला आम चुनाव वर्ष 2018 में होने हैं। यह भी साफ नहीं है कि चुनाव होंगे भी या नहीं।

पाकिस्तान में अस्थिरता की आशंका अधिक है, जो भारत को प्रभावित कर सकता है। हाफिज सईद जैसे आतंकी सरगनाओं को खुली छूट मिल सकती है।

पाकिस्तान-भारत संबंधों पर असर

नवाज शरीफ भले ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं, लेकिन वह अब भी पाकिस्तान में स्वीकार्य चेहरा हैं और सबसे अधिक लोकप्रिय भी। जाहिर है नवाज के बदले आने वाली नयी टीम न तो उतनी लोकप्रिय होगी और न ही लोकतांत्रिक रूप से तजुर्बेकार। ऐसे में कहा जा सकता है कि अब नीतियों की कमान सेना के हाथ में होगी। यह बात भी किसी से छुपी नहीं है कि पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेन्सी ISI किस तरह भारत-विरोधी कार्यक्रमों में लिप्त रही है। खास बात यह है कि जब कभी भी पाकिस्तान मुसीबत में होता है तो उसके भारत-विरोधी कार्यक्रमों को हवा मिलती रहती है।

क्या आसिफ होंगे अगले प्रधानमंत्री?

पाकिस्तानी मीडिया में इस बात की चर्चा हो रही है कि ख्वाजा मोहम्मद आसिफ देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। आसिफ वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत पर परमाणु हमले की धमकी दे रखी है।

ऐसा हो सकता है कि आसिफ 45 दिनों तक प्रधानमंत्री बने रहे हैं और उसके बाद नवाज शरीफ की पार्टी किसी खास व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद पर आसीन करे। माना जा रहा है कि पार्टी शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ या पत्नी कुलसूम नवाज को प्रधानमंत्री पद पर बैठा सकती है। शाहबाज शरीफ पंजाब प्रान्त के मुख्यमंत्री हैं।

कई विशेषज्ञों ने इस मसले पर अपनी बात रखी है।

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