पाकिस्‍तान में ऐतिहासिक ‘हिन्दू मैरिज बिल’ पास, हिन्दुओं को मिलेंगे ये अधिकार

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Updated on 18 Feb, 2017 at 2:29 pm

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पाकिस्तान में ऐतिहासिक हिन्दू मैरेज बिल को पास कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, हिन्दू विवाह विधेयक 2017 को 17 फरवरी को सीनेट ने पारित कर दिया है। यह हिन्दू समुदाय का पहला विस्तारित पर्सनल लॉ है।

इसे नेशनल एसेंबली द्वारा 26 सिंतबर 2015 को ही पारित कर दिया गया था। अब अगले हफ्ते इसे राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद कानून बना दिया जाएगा जो महज अब एक औपचारिकता भर है।

इस बिल को पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने 17 फरवरी को सीनेट के सामने रखा, जिस पर किसी ने विरोध नहीं किया और फिर इस बिल को मंजूरी मिल गई।

यह बिल शादी, शादी के पंजीकरण, अलग होने और पुनर्विवाह से संबंधित है। इसमें लड़के और लड़की दोनों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल निर्धारित की गई है।

जो कोई भी न्यूनतम उम्र सीमा से संबद्ध कानून का उल्लंघन करता पाया जाएगा उसके लिए छह महीने की जेल और 5,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।


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इस कानून के लागू होने के बाद हिन्दू महिलाएं अपने विवाह का दस्तावेजी सबूत हासिल कर पाएंगी। मुसलमानों के निकाहनामा की तरह ही हिंदुओं को भी अपने शादी के प्रमाण का दस्तावेज उपलब्ध होगा, जिसे ‘शादीपरात’ कहा जाएगा।

यह पाकिस्तानी हिन्दुओं के लिए पहला पर्सनल लॉ होगा जो पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में लागू होगा। सिंध प्रांत पहले ही अपना हिन्दू विवाह विधेयक तैयार कर चुका है।

आपक बता दे कि पाकिस्तान में हिन्दुओं की आबादी करीब 20 लाख है। इस लिहाज से यह बिल बेहद महतवपूर्ण है।

 


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