क्या पाकिस्तान उच्चायोग दिल्ली में ISI का अड्डा बन गया है?

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Updated on 2 Nov, 2016 at 3:02 pm

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जासूसी कांड में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के 16 अधिकारी भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।

indianexpress

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इस रिपोर्ट के मुताबिक, जासूसी कांड में पकड़े गए पाक उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर ने कबूल किया है कि अन्य अधिकारी भी इस रैकेट में लिप्त रहे हैं। अख्तर ने यह भी कबूल किया है कि उच्चायोग के ये अधिकारी भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के संवेदनशील जानकारियों को जासूसों के जरिए हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।

अख्तर का कबूलनामा अगर सही है तो इस बात में कोई संदेश नहीं है कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग भारत में ISI की गतिविधियों का अड्डा बन गया है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्रीकान्त शर्मा का आरोप है कि पाकिस्तानी उच्चायोग ने सभी नियम कायदों को ताक पर रख दिया है।


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वह कहते हैंः

इसका उपयोग कूटनीतिक संबंधों को जारी रखने के लिए नहीं किया जा रहा है, बल्कि यह संवेदनशील जानकारियों की तस्करी का केन्द्र बन गया है।

BJP's national secretary Shrikant Sharma newsgram

newsgram

इस बीच, माना जा रहा है कि जासूसी कांड में फंसने के बाद पाकिस्तान अपने चार अन्य अधिकारियों को वापस बुला सकता है।

Pakistan's High Commissioner Abdul Basit businessline

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पाकिस्तानी उच्चायोग से चलाए जा रहे जासूसी रैकेट में संलिप्त वीजा अधिकारी सहित चार भारतीयों को पकड़ा गया है। भारत सरकार के आदेश पर महमूद अख्तर को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया है।

पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स में भी कहा गया है कि कमर्शियल काउंसलर सैयद फारुख हबीब, फर्स्ट सेक्रेटरी खादिम हुसैन, मुद्दसिर इकबाल चीमा और शाहिद इकबाल नामक अधिकारियों को वापस पाकिस्तान बुलाया जाएगा।

हालांकि, महमूद अख्तर ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा है कि उसने दिल्ली में दबाव में आकर बयान दिया है।

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