अब ‘पद्मावत’ से आहत हुई मुसलमानों की भावना, मलेशिया में प्रतिबंध

Updated on 31 Jan, 2018 at 3:01 pm

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संजय लीला भंसाली की बहुप्रतिक्षित व महात्वाकांक्षी फिल्म पद्मावत तमाम विवादों से गुजरकर भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई। यह फिल्म सफल फिल्मों में शुमार हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म ने देशभर में अब तक करीब 170 करोड़ रुपए का व्यवसाय किया है। विदेशों की कमाई को भी जोड़ लिया जाए तो कमाई का आंकड़ा 250 करोड़ के पार कर गया है। तमाम विवादों के बावजूद लोग इस फिल्म को पसंद कर रहे हैं।


हिन्दू समुदाय के एक बड़े वर्ग का दावा है कि इस फिल्म से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं, क्योंकि चित्तौड़ की महारानी पद्मावती का इस फिल्म में गलत चित्रण किया गया है। अब हालांकि, पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है।

इस विवादित फिल्म को अब ‘इस्लाम की संवेदनशीलताओं’ की चिंताओं के मद्देनजर मलेशिया के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने से रोक दिया गया है। मलेशिया के सेंसर बोर्ड ने पूरे देश में इस फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका कारण बताते हुए कहा गया है कि इस फिल्म की वजह से मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं।


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मलेशिया के नेशनल फिल्म सेंसरसिप बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद जामबेरी अब्दुल अजीज ने अपने एक बयान में कहा हैः

“फिल्म की कहानी अपने आप में चिंता का एक बड़ा विषय है क्योंकि ‘मलेशिया एक मुस्लिम बहुल मुल्क है।”

इस फिल्म को बिना किसी काट-छांट के पाकिस्तान में भी रिलीज किया गया है। हालांकि, आश्चर्यजनक रूप से यह फिल्म बिना विवाद के चल रही है।



पद्मावत की कहानी 16वीं सदी के कवि मलिक मोहम्मद जायसी की कविता पद्मावत पर आधारित है। इस फिल्म में राजपूत राजा महारावल रतन सिंह अपने राज्य को मुस्लिम आक्रांता अल्लाउद्दीन खिलजी से बचाते हुए उससे भिड़ जाते हैं। राजा रतन सिंह के किरदार में शाहिद कपूर हैं, जबकि रानी पद्मावती की भूमिका में दीपिका पादुकोण हैं।

वहीं, अल्लाउद्दीन खिलजी का रोल निभाया है रणवीर सिंह ने।

फिल्म निर्माता खासकर संजय लीला भंसाली पर आरोप लगे कि उन्होंने इस फिल्म में रानी पद्मावती का चरित्र-चित्रण गलत तरीके से किया है। इस वजह से देशभर में विरोध प्रदर्शन भी हुुए थे।


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