दिल्ली के फुटपाथ पर रह रहा था ऑक्सफोर्ड से पढ़ा ये बुजुर्ग, लोगों की नेकदिली ने दिलवाया आशियाना

Updated on 26 Apr, 2018 at 4:16 pm

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हम भारत की बात करते हैं, यहां के संस्कृति-संस्कार और मानव मूल्यों की बात करते हैं। लेकिन इस देश में बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, जिस पर कोई बात नहीं करता है। इनके लिए समाज से लेकर सरकार तक सभी मौन हैं, जो कि एक चिंताजनक बात है। हम दुनिया में सबसे युवा देश हैं, इस लिहाज से बुजुर्गों की संख्या कम है, लेकिन उनकी स्थिति पर गौर करें तो हैरानी होगी।

 

ऐसे ही एक बुजुर्ग हैं, दिल्ली के फूटपाथ पर रहकर अपना गुजारा बसेरा करने वाले राजा सिंह। ऑक्सफोर्ड के पूर्व छात्र रहे राजा सिंह को उनके ही दोनों हाई-प्रोफाइल बेटों ने घर से बेदखल किया हुआ है।

 

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गौरतलब है कि 76 वर्षीय राजा सिंह अपने भाइयों के अनुरोध पर भारत आए थे। लेकिन जीवन ने ऐसे करवट लिए कि इन्हें दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर शरण लेनी पड़ी।

 

चूंकि ये पढ़े-लिखे हैं तो दिन के समय वीजा केंद्र के बाहर बैठते हैं और फॉर्म भरने में लोगों की मदद कर देते हैं, जिससे उन्हें मामूली आमदनी होती है और दिन ऐसे ही कट जाते हैं।

 

 

फटेहाल से दिखने वाले राजा सिंह के पास एक आईना है, जिससे वे अपने पगड़ी बांध पाते हैं। उन्हें फर्राटेदार अंग्रेजी में बोलते देखकर अच्छे-अच्छों की फट जाती है। आश्चर्य होता है कि आखिर इस बुजुर्ग के बच्चे इन्हें ऐसे छोड़कर यूके कैसे चले गए।

 

 

राजा सिंह को कभी-कभी भूखे भी सोना पड़ता है। ऐसा तब होता है जब उन्हें चाय-नाश्ते के लायक आमदनी नहीं हो पाती है। वह गुरुद्वारे के लंगर में खाना खा सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करते। उनका कहना है कि अगर वे दान नहीं दे सकते तो फिर मुफ्त का खाना भी उनके लिए नहीं है।



राजा सिंह बताते हैं-

 

“सच्चा सिख हूं और बिना योगदान के लंगर नहीं खाऊंगा। भगवान से बस इतनी विनती है कि किसी के आगे याचना न करना पड़े। जब तक ठीक हूं, तब तक कुछ आमदनी होती रहेगी और खाना चलता रहेगा।”

 

 

राजा सिंह की पत्नी गुजर चुकी है और बच्चे विमुख हो गए हैं। इस देश में वह अकेले नहीं हैं जो इस तरह के दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। हमारे देश में 60 वर्ष से ऊपर के 104 मिलियन से अधिक लोग हैं। बहुत सी कहानियां चर्चा में नहीं आती हैं। वो तो धन्य हैं प्रोफेसर अविनाश सिंह का, जिन्होंने इनके बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी।

 

 

 

उसके बाद इस पोस्‍ट को हजारों लोगों ने शेयर किया और यह वायरल हो गया। अब राजा सिंह एक वृद्धाश्रम में रह रहे हैं।

 

आज के दौर में  राजनीति और उससे जुड़ी चिल्लपों के बीच ऐसी कहानियां दबी रह जाती हैं। सोशल मीडिया का मानवता के लिए इस्तेमाल का ये उम्दा नमूना है।

 


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बुजुर्गों की देखभाल हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है, इसको कभी नहीं भूलना चाहिए!

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