2000 से अधिक आतंकवादी भारत में घुसे, अधिकतर पश्चिम बंगाल में हैं मौजूद

author image
6:05 pm 21 Mar, 2017

Advertisement

वर्ष 2016 में 2000 से अधिक आतंकवादी बांग्लादेश की सीमा से होकर घुसे है, जिनमें अधिकतर पश्चिम बंगाल में मौजूद हैं। इस बात की जानकारी बांग्लादेश की सरकार ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, हरकत-उल-जिहादी अल-इस्लामी (HuJI) और जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकवादी पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में मौजूद हैं।

भारत के लिए यह रिपोर्ट अलार्म साबित हो सकता है, क्योंकि वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल के वर्दवान में हुए धमाके में आतंकवादी संगठन JMB के हाथ होने की बात साबित हुई थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 720 के करीब आतंकी पश्चिम बंगाल की सीमा से होकर घुसे हैं, जबकि 1290 के लगभग असम व त्रिपुरा से आए हैं।

thenortheasttoday


Advertisement

इस संबंध में असम सरकार ने जहां स्वीकार किया है कि घुसपैठ की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है, वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इसे लगभग खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वे इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।

वहीं, इसी रिपोर्ट में असम पुलिस के अतिरिक्त मुख्य निदेशक (एसबी) पल्लब भट्टाचार्य के हवाले से बताया गया है कि पिछले छह महीने में JMB के 54 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ को लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों और विधायकों की एक कमेटी बनाई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि JMB का सचिव सेक्रटरी इफ्तादुर रहमान 12 जनवरी को फर्जी पासपोर्ट के ज़रिए भारत में आया था। उसने इस दौरे में पश्चिम बंगाल और असम के जिहादियों से संपर्क साधा। बाद में 18 जनवरी को बांग्लादेश के म्यामेनसिंह में HuJi तथा JMB के आतंकी सरगनाओं की बैठक हुई थी।

गौरतलब है कि ढाका के होली आर्टिसन बेकरी पर हमले में JMB का हाथ रहा है। यह कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रेरित है।

आखिर भारत में कैसे घुस रहे हैं जिहादी ?

भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है, जिसका बड़े हिस्से में नदियां हैं, कई स्थानों पर बाड़बंदी भी नहीं की गई है। यही वजह है कि लगातार होने वाली घुसपैठ पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। चिन्ता की बात यह है कि पश्चिम बंगाल सरकार जिहादी तत्वों पर लगाम लगाने की दिशा में सक्रिय नहीं दिखती। मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आती रही है कि पश्चिम बंगाल में इस्लामिक कट्टरपंथ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और तृणमूल सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल जिहादियों की पसंदीदा शरणस्थली बन गया है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement