देश में 2 करोड़ से ज्यादा अवैध अप्रवासी, देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा

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Updated on 8 Sep, 2017 at 3:58 pm

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भारत में 2 करोड़ से अधिक अवैध अप्रवासी रह रहे हैं। केंद्र ने इन अप्रवासियों से देश की सुरक्षा को खतरा होने का अंदेशा भी जताया है। वहीं चिंता की सबसे बड़ी बात ये है कि इनमें से कईयों ने अवैध तरीके से राशन, आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी हासिल कर लिए हैं।

गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि देश में इस तरह की स्थिति आने वाले वक्त में जनसख्या से जुड़ी जानकारियों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगी।

Rohingya Muslims

indianexpress


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गृह मंत्रालय का अनुमान है कि भारत में लगभग 40 हजार रोहिंग्या मुस्लिम हैं। भारत सरकार अपने यहां रह रहे इन रोहिंग्या मुसलमानों को आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा मानती है। इनकी सबसे ज्यादा संख्या जम्मू और कश्मीर में है। रिकॉर्ड के अनुसार, इन शरणार्थियों में से 11 हजार UNHCR से पंजीकृत हैं।  UNHCR शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है।

रिकॉर्ड ये भी कहते हैं कि भारत में करीब 2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी रह रहे हैं। केंद्र उन सभी को वापस उनके देश भेजने की योजना में है। केंद्र का कहना है कि अधिकतर अवैध प्रवासी हरियाणा, जम्मू, हैदराबाद, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में शरण लिए हुए हैं।

उधर, दो रोहिंग्या शरणार्थियों की ओर से दायर की गई एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 40 हजार रोहिंग्या मुसलमानों को देश से निकालने की योजना पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। केंद्र अपना जवाब 11 सितम्बर को देगा, जब इस केस की अगली सुनवाई होगी। अपने जवाब में सरकार न सिर्फ कई रिकॉर्ड सौंपेगी, बल्कि इन अवैध अप्रवासियों से होने वाले देश की आन्तरिक सुरक्षा के खतरे पर भी जोर देगी।

रोहिंग्या समुदाय के दो लोगों मोहम्मद सलीमुल्ला और मोहम्मद शाकिर ने याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है, ‘रोहिंग्या समुदाय को उनके देश म्यांमार वापस भेजने का प्रस्ताव देकर यहां की सरकार उसके लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रही है।’

आपको बता दे कि रोहिंग्या मुसलमान भारत के अलावा म्यांमार की सीमा से लगते कुछ अन्य देशों में भी शरण लिए हुए हैं।


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