नहीं रहे दुनिया को ‘ओल्ड मॉन्क’ देने वाले कपिल मोहन, फैन्स कर रहे उन्हें दिल से याद

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Updated on 9 Jan, 2018 at 5:06 pm

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‘ओल्‍ड मंक’ रम को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने वाले पद्मश्री ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) कपिल मोहन का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है।

लंबे समय से बीमार चल रहे कपिल ने 6 जनवरी को गाजियाबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। कपिल मोहन ‘मोहन मिकिन लिमिटिड’ के चेयरमैन थे।

कपिल मोहन ने ‘ओल्ड मॉन्क’ दिसंबर 1954 में लॉन्च की थी। बढ़िया क्वालिटी और बेहतरीन स्वाद की वजह से यह रम लोगों में बेहद लोकप्रिय हुई। जल्द ही इसका नाम दुनिया के नामी रम ब्रान्ड में शुमार हो गया। सस्ता होने की वजह से यह सभी का चहेता भी बना। एक समय ऐसा भी रहा, जब यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली रम बन गई थी।

 

इसकी लोकप्रियता के पीछे एक बड़ा कारण ये भी है कि ये स्वाद और क्वालिटी में जितनी अच्छी है उतनी सस्ती भी थी। जिस वजह से यह हमेशा लोगों की पसंदीदा शराब बनी रही। आज भी ओल्ड मॉन्क ने अन्य रम ब्रान्ड्स की तुलना में लोगों को अधिक दीवाना बना रखा है।

 

 

सोलन व कसौली में ब्रिटिशकाल में स्थापित ब्रुअरी की बागडोर आजादी के बाद से मोहन परिवार ने संभाली। 1947 में भारत की आजादी के बाद मोहन ने बियर के इस कारखाने को मीकिन्स से खरीद लिया।

 

1967 में डायर मीकिन्स के अंतर्गत बनने वाली बियर का नाम बदलकर मोहन मिकिंस कर दिया गया। उसके बाद इस भारत में बनने वाली रम ने जो कर दिखाया वो इतिहास बनता गया। डेढ़ दर्जन से अधिक देशों में उच्च किस्मों की रम का कारोबार होने लगा।

 

 

इस कारोबार से होने वाले मुनाफे का मोहन ने कई स्कूल और पार्क बनाने में इस्तेमाल किया। उन्हें अपनी सेवाओं के लिए 2010 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।

 

वह भारतीय सेना के प्रतिष्ठित पद ब्रिगेडियर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें भारतीय सेना विशिष्ठ सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

 

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जहां तक ओल्ड मॉन्क की बात है तो इसने बिना किसी विज्ञापन या पब्लिसिटी के लोगों को अपना दीवाना बनाए रखा है। ऐसे में ओल्ड मोंक के दीवाने कपिल मोहन को आज याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

 


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