77 की उम्र में विदेशी महिला से हुआ प्यार, भगवान को साक्षी मानकर दोनों ने मंदिर में रचाई शादी

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Updated on 31 Jan, 2017 at 11:50 pm

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प्यार किसी उम्र का मोहताज नहीं होता। कौन, कहां, कब कोई आपको अच्छा लगने लगे यह आपको भी पता नहीं होता। प्यार एक एहसास है जो उम्र की बंदिशों को नहीं मानता। आज एक ऐसे ही जोड़े की कहानी हम आपको बता रहे हैं, जिनकी पहली बातचीत फेसबुक पर हुई और यह बातचीत वक्त के साथ कई मुलाकातों और अब शादी में बदल गई।

बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर के धोवघट गांव के रहने वाले 77 साल के शत्रुघ्न प्रसाद सिंह और 75 साल की जर्मनी की रहने वाली इडलट्रड हबीब विवाह बंधन में बंध चुके हैं। बिहार के जमुई जिला के पत्नेश्वर मंदिर में भगवान को साक्षी मानते हुए इन दोनों ने सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए।


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शत्रुघ्न प्रसाद सिंह 1962 में कोलकाता से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर नौकरी के लिए जर्मनी चले गए। वहां वह बतौर इंजीनियर नौकरी करने लगे। जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित क्रोनेनवर्ग में उन्होंने अपना आशियाना बनाया। 38 वर्षों तक नौकरी करने के बाद  शत्रुघ्न प्रसाद सिंह 16 साल पहले रिटायर हुए। लेकिन उनपर आफत का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा, जब 2014 में उनकी पत्नी का देहांत हो गया।

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह बताते हैं कि पत्नी के गुजर जाने के बाद वह एकदम अकेले से हो गए। वे सदमे से उबरने की कोशिश में लगे रहे। ऐसे में एक दिन फेसबुक के जरिए उनकी दोस्ती जर्मन की रिटायर्ड जज इडलट्रड हबीब से हुई। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया और फिर एक दिन उन्होंने मिलने का फैसला लिया। उनकी पहली मुलाकात जर्मनी के एयरपोर्ट पर हुई। वक्त के साथ मुलाकातों के ये सिलसिले चाहत में तब्दील हो गए और फिर दोनों ने आगे की जिंदगी साथ गुजारने का निश्चय किया।

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने फिर अपने परिवार को अपनी इच्छा के बारे में बताया। ऐसे में उनके परिवार ने भी उनका साथ दिया।

उनका परिवार चाहता था कि यह शादी उनके गृह जिले के मंदिर में हो। इसलिए उन्होंने पंतेश्वर मंदिर में शादी रचाई। जर्मनी की दुल्हन ने बताया कि वह काफी खुश हैं और किताबों के जरिए हिंदी सीख रही हैं।

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