जाकिर नाइक मामले में चार वरिष्ठ अधिकारी निलंबित, सरकार की बड़ी चूक

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Updated on 2 Sep, 2016 at 2:10 pm

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विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के विदेशी फंडिग वाले लाइसेंस को बिना जांच-पड़ताल के ही नवीनीकरण करने का मामला सामने आया है। इस मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

इस लाइसेन्स का नवीनीकरण पिछले 19 अगस्त को तीन साल के लिए किया गया था। निलंबित अधिकारियों में संयुक्त सचिव जीके द्विवेदी सहित तीन अन्य अधिकारी हैं।

किरन रिजिजू ने अधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की है।



जाकिर नाइक का नाम विवादों में पहली बार ढाका हमले के बाद 2 जुलाई को सामने आया था। माना जा रहा है कि नाइक के उपदेशों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवकों ने आतंकवाद की राह पकड़ ली। जाकिर नाइक को मिलने वाली विदेशी फंडिंग जांच के घेरे में है।

वहीं, धर्म परिवर्तन के आरोप में जाकिर नाइक के एक करीबी को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। कहा जा रहा है कि उसके तार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े हुए हैं।

ढाका हमलों में शामिल एक आतंकी रोहन इम्तियाज ने अपने फेसबुक पेज पर जाकिर के भाषण के उद्धरणों का जिक्र करते हुए कहा था कि हर मुसलमान को अातंकवादी होना चाहिए।

बताया गया है कि जाकिर नाइक से प्रभावित होने वाले आतंकी अलग-अलग इस्लामिक आतंकवादी संगठनों ISIS, लश्कर, इंडियन मुजाहिदीन और सिमी आदि से जुड़े रहे हैं।


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