ट्रम्प की मदद से NSG सदस्य बन सकेगा भारत, अमेरिका का नया दांव

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Updated on 29 Dec, 2016 at 10:52 am

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भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) का सदस्य बनाने के लिए अमेरिका ने नया दांव चला है। दरअसल, NSG में नए देशों की सदस्यता को लेकर एक नया मसौदा तैयार किया गया है और इस मसौदे में भारत को इस समूह में शामिल करने की बात कही गई है। यही नहीं, भारत के लिए राहत बात यह है कि इस मसौदे में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से पाकिस्तान को अलग रखने की बात कही गई है। इस बात की जानकारी अमेरिका स्थित हथियारों के नियंत्रण संबंधी संगठन आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) ने दी है।

अमेरिका मीडिया की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दो पन्नों का एक मसौदा NSG के पूर्व चेयरमैन राफेल मेरियानो ग्रासी ने तैयार किया है। अर्ध-आधिकारिक स्तर प्राप्त इस दस्तावेज को NSG के वर्तमान अध्यक्ष दक्षिण कोरिया के सांग यंग वान की सलाह पर तैयार किया गया है। इस दस्तावेज में कहा गया है कि इस समूह में आवेदन करने वाले गैर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) वाले देश एक दूसरे की सदस्यता को लेकर आपत्ति नहीं दर्ज करा सकते।



माना जा रहा है कि इस नए मसौदे से भारत के इस विशिष्ठ समूह का सदस्य बनने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। हालांकि, बराक ओबामा के राष्ट्रपति पद पर बने रहने तक ऐसा होने की संभावना नहीं है। ओबामा का कार्यकाल जनवरी 2017 में समाप्त हो रहा है।


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इसके लिए अब ट्रम्प प्रशासन को कार्रवाई करनी होगी। भारत को NSG का पूर्णकालिक सदस्य बनाने के अमेरिकी प्रयास को आगे बढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी अब ट्रम्प प्रशासन की होगी।


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