नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को हुआ 5 लाख करोड़ रुपए का फायदा !

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Updated on 25 May, 2017 at 4:29 pm

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नोटबंदी से भारत की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। यह बात एक उच्च स्तरीय आंतरिक आकलन रिपोर्ट में कही गई है।

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार, काला धन पर लगाम लगाने तथा देश में डिजीटल ट्रान्जेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रचलिच 500 व 1000 रुपए के करेन्सी नोट्स को रद्द करने की घोषणा की थी।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब यह फैसला किया गया उस वक्त अर्थव्यवस्था में करीब 17.77 लाख करोड़ रुपए मूल्य के नोट चलन में थे। वहीं मई, 2017 आते-आते उपयोग किए जा रहे बैंक नोटों का मूल्य करीब 19.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।


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फिलहाल कुल 14.2 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में हैं और यह सारी ट्रांजैक्शन जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। इसका अर्थ यह हुआ कि इस वक्त अर्थव्यवस्था में नकदी की मौजूगी नोटबंदी न किए जाने की हालत के मुकाबले करीब 5 लाख करोड़ रुपए कम है। इससे यह भी पता चलता है कि लोगों के पास रखी नकदी की संख्या में भी कमी आई है। मना जाता है कि घर में रखे नोट या धन का देश रकी अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान नहीं होता है, इसलिए यह फायदेमंद है।



विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नोटबंदी की वजह से भारत का कुल निजी आयकर राजस्व भी अगले दो वर्षों में बढ़कर दोगुना हो जाएगा और इसके कुछ लाभ अभी से दिखने भी लगे हैं। डिजिटल लेनेदेन में इजाफा, बैंक जमा में बढ़ोतरी हुई है।

नोटबंदी का एक फायदा डिजीटल लेनदेन में बढ़ोत्तरी के रूप में भी हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में कुल 300 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शन दर्ज की गई। वहीं, वित्तवर्ष 2017-18 में इसकी संख्या बढ़कर 2,500 करोड़ तक होने का अनुमान है।


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