एक पिता ने कर दिया अपनी ही बेटी का सौदा, लेकिन नोटबंदी ने लड़की को बिकने से बचाया

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Updated on 25 Nov, 2016 at 4:58 pm

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नोटबंदी के कारण लोगों को कुछ परेशानी तो हो रही है, लेकिन इसी बीच राजस्थान के अलवर जिले से एक अच्छी खबर आई है। नोटबंदी के फैसले की वजह से एक लड़की बिकते-बिकते बची है।

अलवर में एक बीस साल की लड़की को उसके पिता और सगे भाई ने बेचने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, यह युवती अपने भाई और भाभी के साथ अलवर गई थी। सीकर जिला निवासी इस युवती को उसके पिता ने यह कहकर अलवर भेजा कि उसकी भाभी का जन्मदिन अलवर में मनाएंगे।

एक दलाल से लड़की का सौदा पहले ही बीस लाख रुपए में तय हो गया था। अलवर बस स्टैंड पर पहुंचने पर लड़की ने देखा कि उसका भाई और भाभी कुछ लोगों से पैसे के लेन-देन और बेचने की बातचीत कर रहे हैं।

पैसा नगद में लिया जाना था और इतनी रकम खरीदार के पास थी नहीं। नोटबंदी के फैसले के कारण नकद में लेन-देन की बात पर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई।

नोटबंदी के कारण नकद राशि में सौदा नहीं हो पाया। लड़की के भाई ने बीस लाख रुपयों की नकद मांग की, लेकिन खरीदार चेक देने की जिद्द में था। जब चैक देने की बात आई तो दलाल और सौदेबाजों के बीच कहासुनी हो गई।

इस बीच युवती को सारा मामला समझ में आ गया और मौका देखते ही वह वहां से भाग निकली और स्थानीय लोगों की मदद से सीधा पुलिस थाने पहुंची। जहां से उसे महिला थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया और युवती के बयान के आधार पर आरोपी भाई और भाभी को गिरफ्तार कर लिया गया।


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युवती ने अपने बयान में कहाः



“मेरे पिता और भाई लंबे समय से लड़कियों की खरीद-फरोख्त में लिप्त थे। छह माह पहले मामा का लड़का यहां रहने आया। बाद में उसने मुझे भी बेचने के लिए भाई और पिता को राजी कर लिया।”

अब युवती अपने परिवार के पास वापस नहीं जाना चाहती। उसका कहना है कि परिवार में उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, बिकने से बची युवती ने पीएम मोदी को धन्यवाद करते हुए कहा कि मोदी जी की वजह से मेरी जिंदगी तबाह होने से बची है।

माना की नोटबंदी से लोगों को परेशानी हो रही है, कुछ दिक्कतों  का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नोटबंदी के निर्णय से ही इस लड़की का भविष्य अंधकार की कोठियों में जकड़ने से बचा है।

 


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