प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया पर कोई असर नहीं हो रहा है, यह है वजह

Updated on 10 Aug, 2017 at 1:09 pm

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दुनिया की परवाह किए बिना उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल टेस्ट करने में लगा है। अन्य देशों के मना करने पर भी उस पर कोई असर नहीं हो रहा है। लिहाजा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक नया प्रस्ताव दिया है कि उत्तर कोरिया पर ताजा प्रतिबंध लगाए जाएं।

नए प्रतिबंधों की वजह से कोरिया के 3 अरब डॉलर (करीब 19 हजार करोड़) के सालाना रेवेन्यु वाले निर्यात व्यवसाय पर भारी असर पड़ सकता है। अमेरिका द्वारा तैयार किए गए मसौदे के अनुसार उत्तर कोरिया के कोयला, लोहा, लौह अयस्क, सीसा अयस्क और सी-फूड के निर्यात करने पर रोक लगाई गई है।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों का उत्तर कोरिया पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। इसकी वजह यह है कि उत्तर कोरिया के व्यापारिक संबंध खासतौर पर रूस और चीन के साथ हैं। इसी दोनों देशों के साथ उत्तर कोरिया का करीब 90 फीसदी आयात-निर्यात होता है।

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यही एक कारण है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन से उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहे हैं। उधर, चीन अपने साथी उत्तर कोरिया से किए जाने वाले व्यवसाय को जारी रखे हुए है और अभी कोई फैसला करने के मूड में नहीं है।



चीन और रूस को उत्तर कोरिया, कोयला, लोहा, सीसा, टेक्सटाइल, केमिकल्स, स्टील और सीमेंट जैसे सामानों का निर्यात करता है। साथ ही कुछ सालों में उसने चीन और रूस के निर्यात पर ही अपना फोकस बनाए हुए है। इन्हीं देशों से वह पेट्रोलियम पदार्थ, मशीनरी, मिलिट्री इक्विपमेंट, अनाज और कई तरह के खाद्य पदार्थ आयात करता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से किम जोंग उन के सत्ता में आने के बाद नॉर्थ कोरिया में बाजार का विस्तार हुआ है। सरकार की मंजूरी के बाद तेजी से शॉपिंग सेंटर्स खुल रहे हैं। इसके चलते लाखों लोगों को रोजगार मिला है। देश में आधुनिक सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अभी भी यहां की 70 फीसदी आबादी भूख मिटाने के लिए सरकारी मदद पर निर्भर है। 40 फीसदी से अधिक की आबादी कुपोषण का शिकार है।


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