उत्तर कोरिया की इस लड़की ने सुनाई दिल को झकझोर देने वाली आपबीती, नरक से बदतर है यहां जिंदगी

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Updated on 15 Mar, 2017 at 2:58 pm

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दुनिया के सबसे खतरनाक समझे जाने वाले देश उत्तर कोरिया के जुल्म की दास्तां का जिक्र करते हुए एक लड़की का विडियो वायरल हो रहा है। उत्तर कोरिया से भागने में सफल हुई योनमी पार्क नाम की इस लड़की ने अपने देश का कच्चा-चिट्ठा दुनिया के सामने खोला है।

जब पार्क 13 साल की थी, तब वह अपनी मां के साथ उत्तर कोरिया से भागने में सफल हुई थी। अब पार्क उन सभी उत्तर कोरियाई लोगों के अधिकारों के लिए खड़ी हैं, जो इस ‘रहस्मय देश’ से भागे हैं।

पार्क ने दो साल पहले ‘द वन यंग वर्ल्ड समिट’ में अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी। अब यह विडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है।

पार्क ने वीडियो में बताया है कि तानाशाही शासन वाले उत्तर कोरिया में आमलोगों के पास आजादी नहीं है और वहां छोटी-छोटी बातों पर क्रूर सजा दी जाती है।


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दिल को झकझोर देने वाली पार्क की आपबीती वाले इस विडियो को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। बड़ी तादाद में लोग इस विडियो को शेयर कर रहे हैं।

समिट के दौरान अपनी स्पीच में पार्क ने बताया कि कैसे उत्तर कोरिया में जनसामान्य को आतंकित और प्रताड़ित किया जाता है। जन्म के साथ ही उनके मन में डर बैठा दिया जाता है कि अगर उन्होंने तानाशाह के खिलाफ जाकर कुछ भी गलत किया तो उनके साथ कुछ भी हो सकता है।

स्पीच देते हुए पार्क की आंखें भरी हुई थी। उसकी आवाज का दर्द समिट में मौजूद लोगों ने महसूस किया। पार्क की आपबीती सुन वहां आए लोगों की आंखें भी छलक पड़ीं।

एक वाकये का जिक्र करते हुए पार्क ने बताया कि जब वह उत्तर कोरिया में थी तब उसकी दोस्त की मां को बस इसलिए सार्वजनिक तौर पर फांसी दे दी गई थी, क्योंकि उन्होंने एक हॉलीवुड फिल्म देखी थी।

आगे पार्क ने बताया कि उत्तर कोरिया से भागने के बाद वह अपने परिवार के साथ चीन आ गई थी। जब वह 14 साल की थी तब उसके पिता की मृत्यु हो गई। अपने पिता के निधन का जिक्र करते हुए पार्क ने बताया कि उसने सुबह के करीब 3 बजे चोरी-छुपे अपने पिता को दफनाया। वह इतनी डरी हुई थी कि वह रो भी नहीं सकती थी, क्योंकि उसके मन में डर था, अगर वह रोई तो कहीं उसे वापस उत्तर कोरिया न भेज दिया जाए।

पार्क ने बतायाः

“जिस दिन मैंने उत्तर कोरिया छोड़ा, मैंने देखा कि मेरी मां का बलात्कार किया गया। बलात्कारी एक चीनी दलाल था। उसके निशाने पर मैं थी। मैं सिर्फ 13 साल की थी। उत्तर कोरिया में एक कहावत है, ‘महिलाएं कमजोर हैं, लेकिन मां मजबूत और दृढ़ होती हैं।’ मेरी मां ने मुझे बचाने के लिए खुद को उस दलाल के हवाले कर दिया।”

पार्क ने उन सभी उत्तर कोरियाई लोगों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद की है जो कई सालों से तानाशाही शासन में जीने को मजबूर हैं।

यहां देखें विडियो-


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