अब रमजान के दौरान हिन्दू छात्रों को मिलेगा खाना, AMU में 96 साल पुरानी परंपरा बंद

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Updated on 1 Jun, 2017 at 5:15 pm

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। अब यहां 96 साल पुरानी परंपरा को बंद करके रमजान के दौरान हिन्दू छात्रों को खाना दिया जाएगा। इससे पहले आरोप लगाए गए थे कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में रहने वाले गैर मुस्लिम छात्रों को रमजान के दौरान नाश्ता और खाना नहीं दिया जा रहा है।

इस विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि रमजान के पाक महीने में AMU के हॉस्टलों के डाइनिंग हॉल्स में उस स्टूडेंट्स के लिए लंच की व्यवस्था है जिन्होंने रोजे नहीं रखे हैं।

सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा के मुताबिक, वर्ष 1920 से ही छात्रों को रमजान के दौरान सिर्फ सहरी और इफ्तार के दौरान खाना उपलब्ध कराया जाता रहा है। गौरतलब है कि रमजान के दौरान मुस्लिम समाज के लोग दिन में रोजा रखते हैं। इस दौरान न खाने की इजाजत होती है और न ही पानी पीने की।

आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन दिन में हिन्दू या गैर-मुस्लिम छात्रों को खाना उपलब्ध नहीं कराता था। छात्रों के एक समूह ने इसका विरोध करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा था, साथ ही यह मुद्दा सोशल मीडिया पर छाया रहा था।

मानवाधिकार आयोग से मिले निर्देश के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने रमजान के दौरान हिन्दुओं व गैर-मुसलमान छात्रों को दिन का खाना देने की बात कही है।

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