यहां सौर ऊर्जा से चलेगी मेट्रो रेल, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल

author image
Updated on 13 Oct, 2016 at 11:20 am

Advertisement

मेट्रो रेल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल करने जा रहा है। आने वाले दिनों में 29.7 किलोमीटर लंबे नोएडा मेट्रो रूट पर ट्रेनें सौर ऊर्जा से चलाए जाने पर विचार किया जा रहा है।

सोलर पैनल्स से बनने वाली ऊर्जा से न केवल ट्रेनें चलेंगी, बल्कि स्टेशन्स, ट्रेन डिपो आदि में बिजली की आपूर्ति भी की जाएगी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा रूट के सभी 21 मेट्रो स्टेशन्स के बाउन्ड्री वॉल, पार्किंग लॉट, डिपो, मेन ऑफिस बिल्डिंग तथा छतों पर सोलर पैनल्स लगाए जाने की योजना बन रही है।

रिपोर्ट में नोएडा मेट्रो के प्रबंध निदेशक संतोष यादव के हवाले से बताया गया है कि इस रूट पर 12 मेगावाट प्रतिदिन बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यादव कहते हैं कि सभी मेट्रो के सभी स्टेशन्स व दफ्तरों में बल्ब, पंखे, एलिवेटर्स, एस्केलेटर्स तथा एयरकंडीशन सिस्टम्स सौर ऊर्जा से पैदा होने वाली बिजली से चलेंगे।

गौरतलब है कि भारत वर्ष 2016 में ब्रिटेन, फ्रान्स और जर्मनी को पछाड़ते हुए दुनिया में सौर ऊर्जा का चौथा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।

ब्रिज टू इन्डिया (BTI) नामक एक रिन्युबल इनर्जी कन्सलटिंग फर्म ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि इस साल भारत करीब 5.4 गिगावाट (GW) सौरऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा।

भारत में सौर ऊर्जा के उपयोग पर तेजी से लगातार काम हो रहा है। इससे पहले हमने रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि कोचीन एयरपोर्ट सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का सबसे पहला हवाई अड्डा बन गया है। यहां हवाई अड्डा के लिए बिजली करीब 45 एकड़ में फैले सोलर पावर प्लान्ट से ली जा रही है।


Advertisement

12 मेगावाट के इस सोलर पावर प्लान्ट का निर्माण करीब 3 साल पहले शुरू किया गया था, जो अब पूरा कर लिया गया है। और अब यह हवाई अड्डा सौर ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गया है।

इसी तरह, चेन्नई का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम सोलर इनर्जी का उपयोग करने वाला दुनिया का पहला क्रिकेट स्टेडियम बन गया है।

स्टेडियम के पूर्वी स्टैन्ड की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं और इससे करीब 1700 यूनिट बिजली रोज मिल रही है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement