अब गाड़ियों की सफाई के लिए पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी

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Updated on 6 Jun, 2017 at 6:12 pm

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भारत बदलाव के दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2030 तक जहां देशभर में सिर्फ इलेक्ट्रिक कार और बाइक चलाए जाने की बात कही जा रही है, वहीं ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि अब वाहनों की सफाई के लिए पानी की जरूरत न पड़े। वाहनों की धुलाई पर पानी की बर्बादी से बचने के लिए प्रतिष्ठित कार निर्माता कंपनी मारुति ने ड्राई वॉश सिस्टम का इजाद किया है।

यह सिस्टम न केवल पर्यावरण के हिसाब से ही है, बल्कि सफाई के लिए इसमें पानी की जरूरत भी महसूस नहीं होती।


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ड्राई वॉश सिस्टम के तहत वाहनों पर पहले धूल की सफाई की जाती है और उसके बाद एयर प्रेशर टैंक की मदद से स्पेशल केमिकल स्प्रे किया जाता है। इस प्रक्रिया में गाड़ी की पूरी बॉडी पर फोम फैल जाता है, जिसे माइक्रो फ़ाइबर कपड़े की सहायता से साफ किया जाता है। हालांकि, कार के भीतरी हिस्से की सफाई के लिए पानी की दरकार अब भी होती है।

पर्यावरण और पानी को लेकर मारुति ने जो संवेदनशीलता दिखाई है उसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है।

इस तरीके का इस्तेमाल कर कंपनी ने पिछले साल 28 लाख से अधिक वाहनों की सफाई की थी। इससे न केवल वाहन की धुलाई में समय कम लगता है, बल्कि कंपनी प्रतिवर्ष 216 मिलियन लीटर पानी की भी बचत कर रही है।

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