देश का एक भी राज्य खुले में शौच से मुक्त नहीं है, बिहार सबसे फिसड्डी

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Updated on 9 Aug, 2017 at 12:04 pm

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देश के कई राज्य की सरकार ने दावा किया है कि उनके राज्य में अब लोग खुले में शौच नहीं करते। हालांकि, इन राज्यों के दावों की पोल खुल गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में एक भी ऐसा राज्य नहीं है, जो खुले में शौच से मुक्त हो। इस बात की जानकारी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2017 की रिपोर्ट में दी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के किसी भी राज्य में 100 फीसदी टॉयलेट की सुविधा नहीं है।

सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, केरल, हरियाणा और उत्तराखंड सहित पांच राज्य खुले में शौच से मुक्त होने का दावा कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे होने के मौके पर केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्वच्छ सर्वेक्षण गांव 2017 रिपोर्ट जारी की है।

स्‍वच्‍छ ग्रामीण सर्वेक्षण 2017 के अंतर्गत, भारतीय गुणवत्‍ता परिषद (क्‍यूसीआई) ने 4626 गांवों में 1.4 लाख ग्रामीण घरों का सर्वेक्षण किया और कुल 62.45 प्रतिशत को शौचालय युक्‍त पाया। स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) की सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएस) ने मई-जून 2017 के सर्वेक्षण के समय कुल 63.73 प्रतिशत क्षेत्र के शौचालय युक्‍त होने की जानकारी दी थी।


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स्वच्छ भारत अभियान में बिहार फिसड्डी साबित हुआ है। यहां महज 30 फीसदी घरों में टॉयलेट्स उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश 37 फीसदी और जम्मू-कश्मीर 41 फीसदी घरों में टॉयलेट्स हैं।

घरों की बात तो दूर सरकार द्वारा चालित आंगनबाड़ियों में भी शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। देश भर में केवल 65 फीसदी आंगनबाड़ी में ही शौचालय उपलब्ध हैं। वहीं, इस सर्वे में कहा गया है कि देश भर में केवल 76 प्रतिशत स्वास्थ्य केन्द्रों में ही टॉयलेट की सुविधा मौजूद है।

इस अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि यह सर्वेक्षण राज्यों के दावों को जांचने के लिए किया गया था। इस सर्वेक्षण को एक फीडबैक के रूप में लिया जाएगा, जिससे हालात बेहतर होंगे।

तोमर ने दावा किया कि वर्ष 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच की समस्या से मुक्त किया जा सकता है।


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