पासपोर्ट बनवाने के लिए जरूरी नहीं रहेगा पुलिस वेरिफिकेशन

Updated on 22 Aug, 2017 at 9:46 pm

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अब भारत में पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी नहीं होगा। दरअसल, अब सरकार पासपोर्ट सेवाओं के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन की शुरुआत करने जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स में केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि के हवाले से कहा गया है कि पासपोर्ट सेवा को अपराधों और अपराधियों के राष्ट्रीय ब्यौरे (सीसीटीएनएस) से जोड़ने की योजना बना रही है। यहां एक क्लिक पर आवेदकों के पृष्ठभूमि की जानकारी मिल सकेगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले एक साल में ऑनलाइन वेरिफिकेशन पुलिस द्वारा खुद जाकर सत्यापन करने की व्यवस्था की जगह लेगा।

कुछ इस तरह होगा ऑनलाइन वेरिफिकेशन।

फिलहाल सीसीटीएनएस राष्ट्रीय ब्यौरे में अतीत और वर्तमान आपराधिक मामलों से जुड़े करीब सात करोड़ डेटा रिकार्ड हैं। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के पहले दौर में पुलिसकर्मियों को आवेदक के पते पर जाने के लिए हाथ में पकड़े जा सकने वाले उपकरण दिए जाएंगे। उनकी जानकारियां इस नेटवर्क पर डाली जाएंगी। इससे पुलिस का काम कम होगा।


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गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को एक डिजिटल पुलिस पोर्टल शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य अपराधों और अपराधियों का राष्ट्रीय ब्यौरा तैयार करना है। डिजिटल पुलिस पोर्टल नागरिकों को आनलाइन शिकायत पंजीकरण और पृष्ठभूमि सत्यापन का आग्रह जैसी सुविधाएं देगा। इस पोर्टल की शुरुआत सीसीटीएनएस परियोजना के तहत की गई है।



गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस पोर्टल शुरू करते हुए कहाः

“पुलिस पोर्टल राज्य पुलिस और केन्द्रीय जांच एजेंसियों के लिए राष्ट्रीय ब्यौरे से 11 सर्च और 46 रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा। केन्द्रीय जांच एवं अनुसंधान एजेंसियों को अपराध आंकड़ों तक पहुंचने के लिए डिजिटल पुलिस ब्यौरे हेतु उपलब्ध कराए हैं।”

सीसीटीएनएस परियोजना के तहत देशभर के करीब 15398 थाने और पांच हजार अतिरिक्त शीर्ष पुलिस अधिकारियों के कार्यालय आपस में जुड़ जाएंगे। इससे पासपोर्ट न केवल अपराध पर नियंत्रण लग सकेगा, बल्कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसे काम भी आसानी से हो सकेंगे।


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