सेवा समाप्ति के बाद अब नहीं मारे जाएंगे सेना के कुत्ते; मिलेगी अच्छी जिन्दगी

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3:31 pm 29 Feb, 2016

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भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहे कुत्तों को रिटायर होने के बाद नहीं मारा जाएगा।

दरअसल, वर्ष 2015 के जून महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि भारतीय सेना में सेवानिवृत्ति के बाद कुत्तों को नहीं मारा जाए।

सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि इन कुत्तों को अपनी पूरी जिन्दगी जीने का हक है। दरअसल, अब तक सेना में सेवानिवृत्ति के बाद कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया जाता था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फरमान के बाद, सभी सैन्य क्षेत्रों में सेवानिवृत्त कुत्तों को अच्छी जिन्दगी दी जा रही है। हालांकि, इस संबंध में एक स्पष्ट नीति मार्च 2016 में तैयार की जाएगी।

बताया गया है कि सेना में कुत्ते दस एवं साढ़े दस साल तक और घोड़े 20 से 25 साल तक नौकरी करते हैं। इसके बाद सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

नौकरी पूरी होने के बाद पहले कुत्तों को छोड़ दिया जाता था, मगर वे फिर सैन्य क्षेत्रों में लौट आते थे। इसलिए इन्हें इंजेक्शन लगाकर मारा जाने लगा।

गौरतलब है कि करीब 26 साल के अंतराल के बाद 67वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉग स्क्वायड के 36 सैन्य कुत्तों ने परेड में भाग लिया। इनमें 24 लेब्राडर थे, जबकि 12 जर्मन शेफर्ड्स।


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माना जाता है कि भारतीय सेना में फिलहाल 12 सौ कुत्ते अपनी सेवा दे रहे हैं।

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