देश के इन 27 एयरपोर्ट्स पर नहीं है एक भी फ्लाइट, रख रखाव पर होता है करोड़ों का खर्च

Updated on 17 Dec, 2018 at 11:52 am

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हवाई यातायात में केवल अमीर वर्ग ही सफर कर सकता है ये अब गुज़रे ज़माने की बात हो चुकी है। बीते कुछ सालों से भीरतीयों में हवाई सफर करने का क्रेज बढ़ा है। हालांकि देश में अभी भी कई ऐसे एयरपोर्ट्स हैं जहां से कोई भी फ्लाइट नहीं मिलती। जी हां, इन एयरपोर्ट्स से किसी भी फ्लाइट का संचालन नहीं होता है, इस तरह के निष्क्रिय एयरपोर्ट को ‘घोस्ट एयरपोर्ट’ भी कहा जाता है। इस बीच ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि ऐसे एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड स्टाफ के कर्मचारी क्या करते हैं।

 

dainikbhaskar


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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस साल 2.5 करोड़ रुपये ऐसे 27 एयरपोर्ट्स के रख-रखाव पर खर्च किए है, जहां से न तो कई फ्लाइट उड़ान भरती है और न ही उतरती है।

बीकानेर का नाल सिविल एयरपोर्ट। सुबह लगभग 10 बजे यहां एक बस आकर रुकती है। इसमें से छह लोग उतरते हैं। ये देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में से एक है जहां महीनों से कोई पैसेंजर नहीं आया है।

 

 



जयंत सिन्हा ने हाल ही में बताया था कि देश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में लगातार क्रांति हो रही है। एविएशन के क्षेत्र में ये साफ नज़र आ रहा है । इसके साथ ही लोकसभा में एक लिखित जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि एयरस्ट्रिप और एयरपोर्ट को शुरु करना पूरी तरह मांग पर निर्धारित करता है। इसके अलावा ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि एयरलाइन ऑपरेटरों और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न रियायतें कितनी हैं।

 

 

उन्होंने आंकड़ों के जरिए इस बात की भी जानकारी दी कि देशभर में ऐसे 27 एयरपोर्ट्स् हैं जहां से कोई भी फ्लाइट ऑपरेशनल नहीं है, वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसके रखरखाव के लिए इस वित्तीय वर्ष करीब 2.61 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं।

सिन्हा ने बताया कि छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए मंत्रालय ने अक्टूबर 2016 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम और उड़े देश का आम नागरिक नाम से योजनाएं भी शुरु की हैं।


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