बिहार में महागठबंधन सरकार पर संकट के बादल, भाजपा के साथ जाएंगे नीतीश

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Updated on 26 Jun, 2017 at 6:55 pm

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बिहार में नीतीश कुमार नीत महागठबंधन की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब लालू प्रसाद यादव से किनारा कर भारतीय जनता पार्टी के खेमें में जा सकते हैं।

राज्य में सत्तारूढ़ राजद व जद यू में वाद-विवाद का दौर चल ही रहा था कि राष्ट्रपति चुनाव के बहाने अब दोनों राजनीतिक दल खुलकर एक-दूसरे के सामने आ गए हैं।

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पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस पार्टी की एन्ट्री से विवाद और गहरा गया है। नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए राजग प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया है कि बिहार की बेटी की हार पर सबसे पहला निर्णय नीतीश कुमार ने लिया है।



आजाद ने कहाः

“जो लोग एक सिद्धांत में विश्वास करते हैं, वो एक फैसला लेते हैं। और जो लोग कई सिद्धांतों में विश्वास करते हैं, वो अलग-अलग फैसले लेते हैं।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की प्रत्याशी मीरा कुमार के संबंध में अप्रत्याशित टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया था कि विपक्ष बिहार की बेटी को इन चुनावों में हराने के लिए खड़ा कर रहा है। साथ ही नीतीश ने विपक्ष के रुख को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में हारने की रणनीति करार दिया था।


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